अपर जिला जज बलजोर सिंह ने गैर इरादतन हत्या के मुकदमे में मां और दो बेटों को दोषी पाकर दस साल की सजा सुनाई है।
फतेहगढ़ कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला नेकपुर कलां निवासी राजू का पत्नी कृष्णादेवी से 2 अक्तूबर 2008 की रात करीब 10 बजे झगड़ा हुआ। राजू अपने घर से बड़े भाई संतोष निवासी पुलमंडी के घर पहुंचा और अपनी भाभी मधुवाला से पत्नी को समझाने के लिए घर चलने को कहा। राजू अपने बड़े भाई संतोष और उसके पुत्र मनदीप व कुलदीप को लेकर अपने घर पहुंचा।
इनके घर पहुंचते ही कृष्णादेवी ने अपने पुत्रों के साथ मिलकर इन पर ईंट व डंडों से हमला बोल दिया। राजू की मौके पर मौत हो गई। संतोष कुमार को लोहिया अस्पताल लाया गया। यहां डाक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। संतोष कुमार की पत्नी मधुवाला ने अपनी देवरानी कृष्णादेवी और इनके पुत्र राना उर्फ रानू और रवि के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
पुलिस ने जांच कर अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया।
सुनवाई पूरी होने पर न्यायाधीश ने मां और दो पुत्रों को गैर इरादतन हत्या के जुर्म में दोषी पाकर सजा और जुर्माने से दंडित किया है।