हत्या की पुरानी रंजिश में बुधवार को दिनदहाड़े युवक की गोली मार कर हत्या कर दी गई। शहर क्षेत्र में हुई वारदात से सनसनी फैल गई। परिजनों ने शव रखकर रास्ता जाम करने का प्रयास किया तो पुलिस ने जबरन रोक दिया। इस दौरान सीओ सिटी से मृतक के परिजनों की नोकझोंक हुई।
गुस्साए परिजनों ने पुलिसकर्मियों से हाथापाई कर दी। तनाव बढ़ता देख अतिरिक्त फोर्स बुलाई गई। तब जाकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा सका। मृतक के पिता ने दो भाइयों समेत तीन पर हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
थाना मऊदरवाजा के गांव कुइयांबूट निवासी अनिल (18) पुत्र मजहब सिंह बुधवार सुबह करीब नौ बजे घर के बाहर स्थित खेत की ओर गया था। इसी बीच मोहल्ला काली देवी शिव नगर कालोनी निवासी संजीव कुमार, उसका भाई महेंद्र और साला शेरा एक बाइक से आए। हमलावरों ने अनिल को घेर लिया।
आरोप है कि महेंद्र और शेरा ने अनिल को पकड़ लिया। जबकि संजीव ने गोली मार दी। गोली की आवाज सुनकर मजहब सिंह और उनके परिवार के लोग खेत की ओर दौड़ पड़े, लेकिन तब तक हमलावर भाग निकले। सूचना पर पहुंची रायपुर चौकी पुलिस ने अनिल को लोहिया अस्पताल पहुंचाया,
जहां चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया। परिजन अस्पताल से शव लेकर मुख्य सड़क की ओर जाने लगे। इस पर मऊदरवाजा थानाध्यक्ष सुनील यादव ने उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन परिजन नहीं मानें। तभी फोर्स के साथ पहुंचे सीओ सिटी वाईपी सिंह ने उन्हें रोक लिया।
इस पर गुस्साए परिजनों की सीओ सिटी ने नोंकझोंक होने लगी। यह देख सिपाहियों ने कुछ लोगों को पकड़ लिया तो मृतक के परिजन व अन्य लोगों का गुस्सा बढ़ गया और वे सिपाहियों से हाथापाई कर दिए। विवाद बढ़ता देख सीओ सिटी ने अतिरिक्त फोर्स बुला ली।
भारी संख्या में पहुंची फोर्स ने जबरन शव छीन लिया और दोबारा लोहिया अस्पताल ले गई। जहां पंचनामाभर कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। मृतक के पिता मजहब सिंह ने महेंद्र, संजीव व शेरा के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है। बताया जाता है कि संजीव के भाई पेंटर की करीब सात साल पहले हत्या हुई थी।
इसमें अनिल समेत चार के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। माना जा रहा है इसी रंजिश में वारदात को अंजाम दिया गया।