चंडीगढ़ कोर्ट, हाईकोर्ट, अदालत, न्यायालय
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फर्रुखाबाद। विशेष अदालत एंटी डकैती के न्यायाधीश एमपी सिंह ने गैर इरादतन हत्या के मुकदमे के आरोपी दो सगे भाइयों को दोषी पाकर दस साल की सजा सुनाई और 25 हजार रुपये जुर्माना का आदेश दिया है। जुर्माना अदा न करने पर एक साल की अतिरिक्त सजा भुगतने का आदेश दिया गया।
कस्बा व थाना नवाबगंज निवासी उर्मिला देवी के पुत्र अवधेश कुमार का कस्बे के बंटू और संटू से बाइक से पेट्रोल निकालने को लेकर 2 अगस्त 2009 को विवाद हो गया था। इस विवाद ने सगे भाई बंटू और संटू ने चाकू मारकर अवधेश को घायल कर दिया था। अवधेश की उपचार के दौरान मौत हो गई थी। मृतक की मां उर्मिला देवी ने बंटू और संटू के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। विवेचक ने अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया।
मुकदमे की सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील और सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता शैलेन्द्र सिंह चौहान ने दलीलें पेश कीं। सुनवाई पूरी होने पर न्यायाधीश ने गैर इरादतन हत्या में दोनों भाइयों को दोषी पाकर दस-दस साल की सजा सुनाई और दस-दस हजार रुपये जुर्माना भरने के आदेश दिए। आरोपी संटू को चाकू रखने के जुर्म में दोषी पाकर एक साल की सजा सुनाई और पांच हजार रुपये जुर्माना किया। जुर्माना अदा न करने पर अतिरिक्त सजा भुगतने का आदेश दिया है।