अपर जिला जज प्रथम भूपेंद्र सहाय ने हत्या के मुकदमे के तीन अभियुक्तों को दोषी पाकर आजीवन कारावास की सजा दी और 38 हजार रुपये जुर्माना किया है। जुर्माना अदा न करने पर छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतने का आदेश दिया है। शमसाबाद थाना क्षेत्र के गांव साधौ सराय निवासी चंद्रावती के पति झब्बूलाल की गांव के लालमन से पुरानी रंजिश चल रही थी। झब्बूलाल 26 जुलाई 2004 की रात छत पर लेटा था।
मध्य रात्रि के समय लालमन, सुखपाल और रामवीर छत पर चढ़ आए और झब्बूलाल के गोली मार दी। इससे उसकी घटना स्थल पर मौत हो गई थी। घटना की रिपोर्ट पत्नी चंद्रावती ने तीनों हमलावरों के खिलाफ दर्ज कराई थी। पुलिस ने जांच कर अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। मुकदमे की सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील व जिला शासकीय अधिवक्ता श्रीकिशोर मिश्र ने दलीलें पेश कीं।
सुनवाई पूरी होने पर न्यायाधीश ने तीनों आरोपियों को हत्या के जुर्म में दोषी पाकर आजीवन कारावास की सजा सुनाई। 10-10 हजार रुपये जुर्माना किया। दोषसिद्ध अभियुक्त सुखपाल और रामवीर को धारा 25 आर्म्स एक्ट में दोषी पाकर पांच साल की सजा सुनाई। दो-दो हजार रुपये जुर्माना किया। धारा 27 आर्म्स एक्ट के जुर्म में पांच साल की सजा सुनाई और दो-दो हजार रुपये जुर्माना किया। जुर्माना अदा न करने पर एक-एक माह की अतिरिक्त सजा भुगतने का आदेश दिया है। सभी सजाएं एक साथ चलने का आदेश दिया है।