फतेहगढ़ कोतवाली क्षेत्र के ग्राम सुंदरपुर में खेतों में लगी आग ने पास की एक झोपड़ी को भी चपेट में ले लिया। इस दौरान झोपड़ी में सो रहे दो भाई और एक बहन जिंदा जल गए। वहीं, एक अन्य भाई गंभीर रूप से झुलस गया। उसे डॉक्टर राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस दौरान आग तेजी से फैली और करीब 4 किलोमीटर क्षेत्र में खड़ी गेहूं की फसल को जलाकर राख कर दिया। इसके अलावा जिले में पांच जगहों पर भी आग लगने की घटनाओं ने लाखों की क्षति की।
आग शाम करीब 6 बजे तक बुझाई गई।
सोमवार दोपहर करीब 12 बजे सुंदरपुर में लगी आग के संबंध में गांव के किशोर ने बताया कि अज्ञात कारणों से गेहूं की फसल में आग लग गई। आग ने किसान मनफूल की झोपड़ी को चपेट में ले लिया। झोपड़ी में उसका पुत्र धर्मेंद्र (9), बाजपेई (8), आलोक (6) व दिव्यांशी (2) सो रहे थे। आग से दिव्यांशी, आलोक और धर्मेंद्र जिंदा जल गए। गांव वालों ने मौके पर पहुंचकर राख में से तीनों के शवों को निकाला।
वहीं गंभीर रूप से झुलसे बाजपेई को लोहिया अस्पताल भिजवाया। यहां डॉ. राजकिशोर ने बताया कि बाजपेई 22 प्रतिशत जला है। उसके बाबा वीरपाल ने बताया कि गेहूं की रखवाली के लिए खेत में झोपड़ी रखी थी। उसमेें आग लग गई। उस वक्त मनफूल व उसकी पत्नी ममता देवी गेहूं की कटाई कर रहे थे। बाजपेई आग लगने के बाद उठकर झोपड़ी से बाहर भागा। इसलिए उसकी जान बच गई।
सूचना पाकर फतेहगढ़ कोतवाल अनूप निगम, तहसीलदार अमृतपुर व एसडीएम अमृतपुर मौके पर पहुंचे। अधिकारी आग से क्षति का आंकलन कर रहे हैं। कोतवाल ने बताया कि जली हुई झोपड़ी से तीनोें बच्चों के शव निकाले गए हैं। बचाव कार्य जारी है। उधर, पांचाल घाट पर दुकान व मकान में आग लग गई।
पिपरगांव में लगी आग से लाखों की क्षति हुई। थाना मेरापुर के गांव उनासी में आग लगने से अलग-अलग किसानों का 130 बीघा गेहूं जलकर राख हो गया। वहीं, कमालगंज के बीबीपुर में ट्रांसफार्मर से निकली चिंगारी से कश्मीर सिंह के घर में आग लग गई। इससे करीबन डेढ़ लाख का नुकसान हुआ। संतोषपुर में ग्रामीणों ने फायरब्रिगेड की गाड़ी आने से पहले ही आग बुझा ली जबकि अन्य गांवों में फायरब्रिगेड के आने के बाद जैसे तैसे आग पर काबू पाया जा सका।