कायमगंज क्षेत्र में विवाहिता की गला दबाकर हत्या कर दी गई। मृतका के पिता
ने ससुरालीजनों पर दहेज हत्या का आरोप लगाते हुए पति, सास, ससुर समेत पांच
पर रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने पति और ससुर को हिरासत में लेकर पूछताछ
शुरू कर दी है। अन्य ससुरालीजन मृतका के पुत्र और पुत्री को लेकर फरार हो
गए।
गांव शाहआलमपुर निवासी शिवसहाय शाक्य के पुत्र पूरन सिंह की
गर्भवती पत्नी विमला की संदिग्ध परिस्थितियों में मंगलवार को मौत हो गई।
मृतका के गले पर फंदे के निशान के अलावा पूरे शरीर पर कई चोटों के निशान
हैं। इसकी मौत तड़के हुई। इसकी सूचना गांव अलीगढ़ निवासी अहिवरन ने फोन पर
मृतका के पिता विजेंद्र निवासी गांव झकरई थाना
अलीगंज को दी। इस पर उनके
अलावा चाचा भूपसिंह, मां मालतीदेवी व अन्य परिजन मौके पर पहुंचे। उन्होंने
पूरन सिंह, ससुर शिवसहाय, सास शीला, जेठ प्रेमपाल और जठानी मीना पर दहेज
में मोटर साइकिल और सोने की जंजीर की मांग पूरी न होने पर बेटी को मारपीट
कर फांसी पर लटकाने का आरोप लगाया। पिता ने बताया कि पुत्री की शादी 5 साल
पहले
की थी। तभी से ससुरालीजन अतिरिक्त दहेज की मांग कर विमला को
प्रताड़ित करते थे। पुत्री ने इसकी जानकारी कई बार दी थी। विजेंद्र ने बेटी
के पति पूरन सिंह, ससुर शिवसहाय, सास शीला, जेठ प्रेमपाल और जेठानी मीना
के खिलाफ कोतवाली में दहेज हत्या की तहरीर दी। प्रभारी निरीक्षक रूम सिंह
यादव ने मृतका के पति पूरन सिंह और ससुर को हिरासत में लेकर
पूछताछ शुरू कर
दी है। अन्य परिजन मृतका की पुत्री और पुत्र को लेकर फरार हो गए। पुलिस
हिरासत में पूरन ने बताया कि सोमवार को छत से चारपाई उतार कर लाते समय
विमला जीने से गिरकर घायल हो गई थी। जिससे उसके चोटें आईं हैं। बताया कि
सुबह 4 बजे के लगभग उसने पेट में दर्द बताया तो वह अपने बडे़ भाई प्रेमपाल
को साथ लेकर बाइक से उसे
दवा दिलाने कायमगंज जा रहा था तभी रास्ते में उसने
दम तोड़ दिया। उसकी बताई कहानी पुलिस के गले नहीं उतर रही है। कोतवाल ने
कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत का कारण स्पष्ट हो सकेगा। कोतवाल ने
नायब तहसीलदार मनोज कुमार को बुलाकर शव का पंचनामा भरवाया और शव को
पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटना की सूचना पाकर सीओ एके रावत भी मौके पर
पहुंच गए।
पति का संदेह बना गर्भवती की मौत का कारण
अपनी गर्भवती पत्नी पर पति पूरन सिंह संदेह करता था। इसी संदेह के चलते
दोनों का आपस में अक्सर झगड़ा होता था और मारपीट हुआ करती थी। पति के शक से
तंग आकर विमला ने अपना अलग खाना बनाना शुरू कर दिया था। सूत्रों की
माने
तो पति का शक खत्म करने के लिए कुछ दिन पहले पंचायत भी हुई थी। पंचायत के
निर्णय को भी पूरन ने नहीं माना। उसका अपनी पत्नी पर शक गहराता गया और इसी
शक के चलते विमला की जान चली गई। विमला के साथ उसकी कोख में पल रहा बच्चा
भी बेमौत मारा गया। पूरा गांव इस बात की दबी जुबान में चर्चा कर रहा है।