असलहों से लैस नकाबपोश डकैतों ने गुरुवार रात कोतवाली क्षेत्र के गांव कुबेरपुर के दो घरों में धावा बोला। एक घर में घुसते ही पालिका के सेवानिवृत्त कर्मचारी व उनकी पत्नी की गोली मार कर हत्या कर दी और दो लाख के जेवर, 30 हजार रुपये और पेरू मुद्रा (ऐंटिक करेंसी) लूट ले गए। दूसरे घर से परिजनों को बंधक बना एक लाख से ज्यादा के नगदी-जेवर लूट लिए। कानपुर जोन के आईजी आलोक सिंह, लखनऊ की साइबर सेल टीम, एसपी और एसडीएम ने मौका मुआयना किया, पर डकैतों का कोई ठोस सुराग नहीं मिला। दोनों घटनाओं की डकैती में रिपोर्ट दर्ज की गई है।
कुबेरपुर गांव में नगर पालिका के सेवानिवृत्त कर्मचारी मोहम्मद इकबाल खां उर्फ राशिद (72), पत्नी बदरुनिशा (65) के साथ घर पर अकेले रहते थे। इनका पुत्र वारिस दिल्ली में रहता है। पड़ोस में मोहम्मद इकबाल के भाई अफ्फान खां परिवार के साथ रहते हैं। गुरुवार रात करीब डेढ़ बजे नकाबपोश डकैत मोहम्मद इकबाल खां के मकान का मुख्य गेट तोड़ कर अंदर घुसे। विरोध करने पर इकबाल और उनकी पत्नी को गोली मार दी। इकबाल की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बदूूरुनिशा घायल हो गईं। डकैत अलमारी से नगदी, जेवर और पेरू मुद्रा लूट ले गए। पेरू मुद्रा बहुत कीमती बताई गई है।
इसके बाद डकैत करीब पांच सौ कदम दूर नसीम के घर में घुसे और पूरे परिवार को बांध कर कमरे में बंद कर दिया। अलमारी व बक्सों के ताले तोड़ कर एक लाख के जेवर व सात हजार रुपये लूट लिए। नसीम के पुत्र फहीम को साथ ले गए। उसे गांव के बाहर शगीर खां के बाग में हाथ-पैर बांध कर डाल दिया।
इधर तड़के इकबाल के भाई अफ्फान ने मकान का मेनगेट खुला देखा तो अंदर गए। वहां बदरुनिशा को लहूलुहान देख लोहिया अस्पताल पहुंचाया। यहां डाक्टर ने उन्हें मृत बता दिया। सूचना पर पुलिस को फहीम ने बताया कि सात डकैत थे। एक ही रात दो घरों में डकैती और दंपति की हत्या की सूचना मिलते ही एसपी मृगेंद्र सिंह, एसडीएम ब्रजकिशोर दुबे ने भी जांच पड़ताल की। शुक्रवार को कानपुर जोन के आईजी आलोक सिंह ने लखनऊ की साइबर सेल की टीम के साथ मौका मुआयना किया। मृतक इकबाल के पुत्र वारिस और दूसरे घर के मालिक नसीम की तहरीर पर पुलिस ने डकैती की रिपोर्ट दर्ज कर ली है।