सेना भर्ती कार्यालय मेरठ से वर्ष 2017 में भर्ती हुए युवक का निवास प्रमाण पत्र जांच में फर्जी निकला। उसके खिलाफ ट्रेनिंग बटालियन के मेजर आकाश तपाड़िया ने फतेहगढ़ कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई है। रंगरूट को सेेना से निकाल कर पुलिस के हवाले किया जाएगा।
मेरठ के थाना सरधना के औरंग नगर निवासी नेपाल प्रजापत का पुत्र सचिन प्रजापत 18 दिसंबर 2017 को सेेना भर्ती कार्यालय मेरठ से राजपूत रेजिमेंट में भर्ती हुआ था। वह ट्रेनिंग के लिए फतेहगढ़ राजपूत रेजिमेंट सेंटर में आया था। रंगरूट सचिन प्रजापत के शैक्षिक प्रमाण पत्र, चरित्र और निवास प्रमाण पत्र वहां से फतेहगढ़ राजपूत रेजिमेंट ट्रेनिंग सेंटर पर आए थे। चरित्र व निवास प्रमाण पत्र सत्यापन के लिए 27 जनवरी 2018 को मेरठ जिलाधिकारी कार्यालय भेजा गया था। वहां से सत्यापन रिपोर्ट न आने पर स्मरण पत्र 18 अक्तूबर 2018 को भेजा गया। इसी दौरान मेरठ जिलाधिकारी कार्यालय से सत्यापन रिपोर्ट आई। इसमें 31 अक्तूबर 2018 में अभिलेख सत्यापन किए जाने का उल्लेख था। इस रिपोर्ट की जांच कराई गई तो सत्यापन रिपोर्ट फर्जी निकली।
25 जनवरी 2019 को मेरठ जिलाधिकारी कार्यालय से रंगरूट सचिन प्रजापत के अभिलेखों की सत्यापन रिपोर्ट आई। इसमें रंगरूट का निवास प्रमाण पत्र फर्जी (छल से प्राप्त करना) बताया गया। फर्जी निवास प्रमाण पत्र से सेना में भर्ती होने के मामले में ट्रेनिंग बटालियन के मेजर आकाश तपाड़िया ने रंगरूट सचिन प्रजापत के खिलाफ फतेहगढ़ कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई है। इसमें कहा कि उसको सेना से निकाला जाएगा। उस समय पुलिस आरोपी रंगरूट को अपनी अभिरक्षा में ले सकती है।