विशेष अदालत एंटी डकैती की न्यायाधीश ने लूट के आरोपी का 14-14 दिनों का रिमांड समाप्त होने पर जेल से रिहा करने का आदेश दिया है। पुलिस ने विवेचना के दौरान आरोपी की न तो शिनाख्त कराई और न लूट का माल बरामद किया है। विवेचक के खिलाफ कार्रवाई किए जाने के लिए एसपी को आदेश की कापी भेजी गई है।
मेरापुर थाना क्षेत्र में लूट के मुकदमे में पुलिस ने मैनपुरी जिले के थाना बेवर के गांव जिलई निवासी नंदराम उर्फ नंदा को आरोपी बनाया था। वह किसी अन्य घटना के मामले में मैनपुरी में पकड़ा गया था और जेल भेजा गया था। मेरापुर थाना पुलिस ने एंटी डकैती न्यायालय से बी वारंट जारी कराकर 21 दिसंबर 2018 को आरोपी नंदराम उर्फ नंदा को कोर्ट में पेश किया था। कोर्ट से आरोपी को 14 दिन के रिमांड पर न्यायिक अभिरक्षा में जिला कारागार फतेहगढ़ भेजा गया था। इसके बाद लगातार 14-14 दिन का विवेचक कोर्ट से आरोपी का न्यायिक रिमांड कराते रहे। विवेचक ने जांच कर कई पर्चे काटे। इनमें आरोपी का बयान लिखा गया कि आरोपी ने एक अज्ञात व्यक्ति को सामान बेच दिया है।
वादी ने आरोपी की शिनाख्त करने से इनकार करने की बात पर्चे में लिखी गई है। दरोगा ने सभी पर्चों में साक्ष्य संकलन शेष है का उल्लेख किया। आरोपी की न तो शिनाख्त कराई गई और न कोई माल बरामद किया गया। इसके अलावा दरोगा ने कोई साक्ष्य भी संकलन नहीं किया। विवेचक ने अग्रिम रिमांड के लिए कोर्ट में कोई प्रार्थना पत्र भी नहीं दिया। विशेष न्यायाधीश ने आरोपी नंदराम उर्फ नंदा की रिमांड समाप्त कर जेल से रिहा किए जाने का आदेश दिया है। विवेचक के खिलाफ कार्रवाई किए जाने के लिए पुलिस अधीक्षक को आदेश की कापी भेजी गई है।