बदमाशों ने पुलिस टीम पर तमंचे से फायरिंग कर पकड़े गए साथी को छुड़ा लिया।
दिनदहाड़े हुए इस वारदात से सनसनी फैल गई। आनन-फानन में आला अधिकारी मौके
पर पहुंचे और छानबीन शुरू कराई गई, लेकिन नतीजा सिफर रहा। थानाध्यक्ष ने
चार बदमाशों के खिलाफ पुलिस टीम पर जानलेवा हमले की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
राजेपुर
थाना क्षेत्र के निबिया चौराहा स्थित एमआर फिलिंग स्टेशन के मैनेजर अजय
मिश्रा और सेल्समैन नीलेश पाल को गोली मार कर बदमाशों ने नौ फरवरी को 5.59
लाख रुपया लूट लिया था। इस मामले में सोमवार सुबह राजेपुर थानाध्यक्ष
श्रीकांत यादव पुलिस टीम के साथ आवास विकास निवासी सोनू सोलंकी को पकड़ने
पहुंचे। पुलिस के आने की भनक लगते ही सोनू अपनी कार से भोलेपुर-बेवर रोड पर
निकल गया। यह देख सिपाही ज्ञानेंद्र और हरगोविंद बाइक से तो थानाध्यक्ष
अपनी स्कार्पियों से पीछा करने लगे। पुलिस को पीछे आते देख सोनू ने मुख्य
मार्ग के बजाय नेकपुर की तरफ अपनी कार मोड़ दी। इसी बीच नेकपुर चौरासी
गुमटी की क्रासिंग बंद हो गई। क्रासिंग बंद देख सोनू अपनी कार छोड़ पैदल ही
भागने लगा। पीछे लगे बाइक सवार सिपाहियों ने मोबाइल कंपनी के सर्विस सेंटर
के पास बदमाश सोनू सोलंकी को धर दबोचा। वे सोनू को बाइक पर बैठाकर ले जाने
की तैयारी कर रहे थे कि पीछे से सोनू के बाइक सवार कुछ साथी आ गए। एक
बदमाश
ने सिपाही के सीने पर तमंचा लगा लिया, जबकि दूसरे बदमाशों ने फायरिंग
शुरू कर दी। वे फायरिंग करते हुए सोनू को छुड़ाकर भाग निकले। सिपाहियों पर
फायरिंग कर बदमाश को छुड़ाने की जानकारी मिलते ही सीओ अमृतपुर, सीओ सिटी
और शहर कोतवाल मौके पर पहुंचे। पूरे शहर में नाकेबंदी के बाद चेकिंग अभियान
शुरू हुआ, लेकिन शाम तक बदमाशों का सुराग नहीं लगा। देर शाम राजेपुर
थानाध्यक्ष श्रीकांत यादव ने सोनू के अलावा उसके साथी शानू, अमित और लक्की
चौहान के खिलाफ पुलिस टीम पर जानलेवा हमले की रिपोर्ट दर्ज कराई है।