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धरना-प्रदर्शन, आंदोलनों के नाम रहा सोमवार का दिन

Mon, 23 Mar 2015 11:18 PM IST
शाहजहांपुर
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सोमवार को कलक्ट्रेट कैंपस विभिन्न संगठनों की नारेबाजी से दिन भर गूंजता रहा। किसानों के हित की मांगों को लेकर 13 दिन से भूख हड़ताल पर डटे भाकियू (भानु गुट) के बुलावे पर डंडों से लैस कार्यकर्ताओं का जब हुजूम उमड़ा तो वहां मेले जैसा माहौल बन गया। इसके अलावा किसानों को फसलों की क्षति का मुआवजा दिलाने के लिए भाजपाइयों ने कलक्ट्रेट गेट को घेरे रखा। इस बीच, अघोषित बिजली कटौती से शहर में पूरी रात ब्लैक आउट से परेशान व्यापारियों ने भी तीखे तेवर दिखाए, तो वहीं भूमि अधिग्रहण कानून के खिलाफ आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने अपना गुस्सा जाहिर किया। इसके अलावा पुलिस भर्ती में पक्षपात का आरोप लगाते हुए आवेदकों ने पुवायां रोड पर जाम लगाकर हंगामा किया।
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भाजपाइयों ने सपा सरकार को घेरा, मांगा फसली मुआवजा
शाहजहांपुर। बरसात की भेंट चढ़ी फसलों की उचित भरपाई किसानों को नहीं दिए जाने से सोमवार को भाजपा का पारा हाई रहा। प्रदेश सरकार पर किसान विरोधी होने का आरोप लगाते हुए जिलाध्यक्ष वीरेंद्र पाल सिंह यादव और विधायक सुरेश खन्ना के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता ‘राजभवन’ से कलक्ट्रेट तक खूब गरजे।
पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार सोमवार को कार्यकर्ता भाजपा विधायक खन्ना के कैंप कार्यालय राजभवन में एकत्र होने शुरू हो गए थे। पूर्वांह 11 बजे तक कार्यकर्ताओं की संख्या काफी हो चुकी थी। इसके बाद सरकार विरोधी नारेबाजी करते हुए कार्यकर्ता कलक्ट्रेट की ओर चल पड़े। कचहरी पुल से होते हुए भाजपाइयाें का जत्था कलक्ट्रेट गेट पर आकर ठिठक गया। गेट पर ही जनसभा हुई। सभा को संबोधित करते हुए भाजपा विधानमंडल दल के नेता एवं विधायक खन्ना ने कहा कि सूबे के मुख्यमंत्री को किसानों के बजाय शादी-बारातों की ज्यादा चिंता है। इसलिए वह बरसात से बरबाद हो चुके किसानों को उनकी फसलों का उचित मुआवजा देने से कतरा रहे हैं, जबकि केंद्र सरकार ने आपदा राहत कोष से प्रदेश सरकार को 777 करोड़ दे दिए हैं। क्षेत्रीय महामंत्री जेपीएस राठौर ने किसानों की वसूली तत्काल स्थगित करने की मांग उठाई।
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इसके पश्चात एडीएम प्रशासन एमएन उपाध्याय को ज्ञापन दिया गया। प्रदर्शन में जिला महामंत्री राकेश मिश्रा और डीपी सिंह, डॉ. रामलडै़ते कुशवाहा, महेंद्र पाल, मलिखान सिंह, रजनी मिश्रा, मंजुला बाथम, सरोज गुप्ता, रागिनी चौहान, क्षमा वर्मा, रजनीश दीक्षित, गंगाराम मिश्र, संजीव गुप्ता, मनेंद्र सिंह चौहान, फिरासत अली, अजय प्रजापति, पंकेश मिश्रा, अनिल वाजपेयी, अनूप गुप्ता, खालदा बेगम, नाजमा खान समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल रहे।

भाकियू कार्यकर्ताओं ने डंडे फटकारे, अनशन शुरू
किसानों को फसली नुकसान का मुआवजा नहीं देने और उनका पुलिस स्तर से उत्पीड़न होने के विरोध में कलक्ट्रेट पर 13 दिन से भूख हड़ताल पर डटे भाकियू भानु गुट केपदाधिकारियों ने सोमवार से आमरण अनशन शुरू कर दिया। यूनियन कार्यकर्ताओं का गुस्सा उस वक्त बेकाबू हो उठा जब डीएम उनसे वार्ता किए बगैर चली गईं। कार्यकर्ताओं ने डीएम चैंबर के बाहर बरामदे में लाठी-डंडे फटकार कर रौद्र रूप दिखाया तो अफसरों को पसीना छूट गया।
कार्यकर्ताओं को मनाने के लिए सिटी मजिस्ट्रेट कमलेश द्विवेदी सीओ सदर और सेहरामऊ दक्षिणी के एसओ को लेकर धरना स्थल पर पहुंचे। एसओ ने भाकियू कार्यकर्ता रामप्यारी से संबंधित जमीन संबंधी विवाद में पुलिस की भूमिका से गुस्साए भाकियू नेताओं से माफी मांगकर यथास्थिति बनाए रखने का आश्वासन दिया। बावजूद इसके भाकियू के मंडल महासचिव रमेश चंद्र गुप्ता, जिलाध्यक्ष महेंद्र पाल यादव और जिला महासचिव राशिराम वर्मा ने सिकरहना में लोहिया आवासों से अपात्रों के नाम हटाए नहीं जाने तक आमरण अनशन जारी रखने का निर्णय किया। आमरण अनशन पर सदर इकाई के अध्यक्ष रामनरेश वर्मा और श्रीपाल बैठे और उनके समर्थन में अन्य तमाम कार्यकर्ताओं ने धरना दिया।

पुलिस भर्ती के आवेदकों ने पुवायां रोड किया जाम
पुलिस की भर्ती में प्रदेश सरकार पर जातिगत आधार पर भेदभाव करने का आरोप लगाते हुए तमाम आवेदक सोमवार को फिर सड़कों पर उतर आए। उन्होंने पुवायां रोड पर कुछ देर जाम लगाकर नारेबाजी की। वहां से पुलिस द्वारा हटाए जाने पर उन्होंने जुलूस के रूप में कलक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया और डीएम के नाम सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन दिया।
ज्ञापन में भर्ती प्रक्रिया से जुड़ीं करीब आधा दर्जन खामियों का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि विज्ञापित पदों में भर्ती के लिखित और शारीरिक मापदंडों के अनुसार प्रवेश पत्र जारी नहीं किए गए। इसके विपरीत ऐसे आवेदकों को मेडिकल परीक्षा केलिए प्रवेश पत्र जारी कर दिए गए जिनके अंक मेरिट के अनुसार नहीं हैं। प्रदर्शन में ब्रजमोहन, दानवीर सिंह, पंकज कुमार, रोहित, एके सिंह, सुरेंद्र कुमार आदि ने आवेदकों का नेतृत्व किया।

भूमि अधिग्रहण पर बरसे ‘आप’ के कार्यकर्ता
केंद्र सरकार के भूमि अधिग्रहण बिल को किसान विरोधी बताते हुए आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को गांधी टोपियां लगाकर कलक्ट्रेट पर जमकर नारेबाजी की। बाद में उन्होंने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन देकर किसानों की सहमति के बिना किसी भी दशा में कृषि भूमि का अधिग्रहण नहीं किए जाने, बहु फसली खेती वाली जमीन को अधिग्रहण के दायरे से मुक्त रखने आदि मांगें प्रमुखता से उठाईं। ‘आप’ केजिला संयोजक काशीनाथ दीक्षित, अजय शर्मा, संजीव सक्सेना, कीर्तिमान प्रकाश च्यवन, उमाकांत वर्मा आदि प्रदर्शन में शामिल कार्यकर्ताओं की अगुवाई की।

ब्लैक आउट से खफा व्यापारियों ने एक्सईएन को घेरा
अघोषित कटौती ने रविवार की रात सारे रिकार्ड तोड़ दिए। दिन ढलने के बाद सवा आठ बजे से शुरू हुई कटौती रात साढ़े 12 बजे तक जारी रही। पॉवर कारपोरेशन के सिस्टम कंट्रोल का इतने से मन नहीं भरा तो तड़के तीन बजे से पांच घंटे की कटौती फिर थोप दी। इसके विरोध में पश्चिमी व्यापार मंडल से जुड़े व्यापारी सड़कों पर उतर आए। सर्किल ऑफिस में अध्ीक्षण अभियंता के नहीं मिलने पर उन्होंने बहादुरगंज सब स्टेशन जाकर एक्सईएन सिटी एकेशुक्ला का घेराव कर उन पर सवालों की झड़ी लगा दी।
व्यापारी इस बात से बेहद खफा थे कि वार्ता के लिए समय देने के बावजूद अधीक्षण अभियंता आरएस प्रसाद अपने दफ्तर से उठकर चले गए। नगर अध्यक्ष रजत खन्ना ने फोन पर संपर्क साधा तो एसई प्रसाद ने बताया कि वह एक मीटिंग में लखनऊ गए हैं। इसी बात के लेकर व्यापारियों ने एक्सईएन शुक्ला से नाराजगी जताई। एक्सईएन ने आपात कटौती में कमी लाने के लिए सिस्टम कंट्रोल को जन भावनाओं से अवगत कराने का आश्वासन दिया। प्रदर्शन में जिलाध्यक्ष नवाब हसन अंसारी, पंकज सक्सेना, साजिद खां, योगेश गुप्ता, ज्ञान प्रकाश सक्सेना, वेद प्रकाश गुप्ता आदि शामिल रहे।

नाला निर्माण में घपले से गुस्साए लोग
शहर के मोहल्ला अब्दुल्लागंज में नाला निर्माण में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किए जाने पर वहां रहने वाले सुरेश चंद्र, कैलाश, अनिल कुमार, रमेश चंद्र, वेदराम, महेश कुमार, लालाराम, संजीव आदि नागरिक भड़क उठे। उन्होंने सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन देकर बताया कि निर्माण में मानकों की अनदेखी का विरोध करने पर मौकेपर जांच को आए पीडब्ल्यूडी के एक जेई ने गालीगलौज की। सिटी मजिस्ट्रेट ने नाला निर्माण की जांच कराकर उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।
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