एक माह पहले लापता किशोरी झारखंड के रांची स्थित एक अनाथ आश्रम पहुंच गई। परिजनों के पास फोन आने पर वह लोग उसे लेकर घर चले आए। किशोरी ने गांव के ही युवक पर बेचे जाने का आरोप लगाया। किशोरी की मां दो दिन से थाने के चक्कर काट रही है लेकिन पुलिस सुनवाई नहीं कर रही है। पीड़िता ने समझौते का दबाव डालने का आरोप लगाया है।
मऊदरवाजा थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी महिला अपनी 12 साल की बेटी के साथ मंगलवार को थाने पहुंची। महिला ने बताया कि उसकी बेटी गांव में स्थित एक स्कूल में कक्षा आठ में पढ़ती है। जनवरी में महिला की देवरानी की बेटी के साथ उसकी बेटी बाजार गई थी। घुमना बाजार में देवरानी की बेटी के साथ ही उसकी बेटी को गांव का रहने वाला एक युवक अपने साथ ले गया। महिला ने थाने में मामले की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
महिला की बेटी ने बताया कि युवक ने उसे प्रसाद खिलाया, जिसके बाद वह बेहोश हो गई। जब उसे होश आया तो वह रांची में थी। युवक ने एक दूसरे युवक से पैसे लेकर उसे उनके हवाले कर दिया। मौका पाकर वह युवक के चंगुल से छूटकर भाग गई। एक अंकल ने उसे पुलिस के सुपुर्द कर दिया। पुलिस ने किशोरी को रांची में एक अनाथ आश्रम में भेज दिया। तीन दिन पहले किशोरी ने अनाथ आश्रम से अपने पिता के पास फोन करवाया।
किशोरी की मां ने बताया कि उसने थाने आकर जानकारी दी लेकिन पुलिस उनके साथ नहीं गई। किशोरी के पिता रांची के अनाथ आश्रम से उसे लेकर आए। किशोरी ने बताया कि भागते समय वह युवक का मोबाइल ले आई थी। उसमें उसकी फोटो है। उसने बताया कि गांव के युवक ने उसे दूसरे के हाथ बेच दिया था। एसओ वेदप्रकाश पांडेय ने बताया कि किशोरी के गायब होने की रिपोर्ट दर्ज है। घटना की जांच गहनता से कराई जा रही है।