विशेष अदालत एंटी डकैती के न्यायाधीश एमपी सिंह ने अपहरण के मुकदमे के सात
आरोपियों को दोषी करार दिया है। दोषसिद्ध अभियुक्तों को आजीवन कारावास की
सजा सुनाई है। इन पर 10-10 हजार रुपये जुर्माना किया है। जुर्माना अदा न
करने पर छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतान का प्रावधान किया है। दो आरोपियों
को आरोप सिद्ध न होने पर मुकदमे से बरी कर दिया गया है।
जहानगंज के
गांव झसी निवासी वीरपाल का पुत्र राजेश 22 मार्च 2002 को ट्रैक्टर से गांव
हरदास नगला से बेचेलाल के यहां से आलू लाद कर घर ला रहा था। मजार के पास
राजेश का अपहरण हो गया। इसकी रिपोर्ट थाने में दर्ज कराई गई। 24 अप्रैल
2002 को नगला ब्रह्मपुरी में मुठभेड़ के दौरान पुलिस ने अपहृत राजेश को
पुलिस ने बरामद किया। इसमें झसी गांव के वीरेंद्र,
संतराम, अमर सिंह,
सर्वेश कुमार, मोहम्मदाबाद के मलोखर निवासी सुरेन्द्र सिंह, जहानगंज के
हिसामपुर निवासी रामस्वरूप, कृपाशंकर उर्फ घुरई, नगला अनूप के पन्नालाल,
मोहम्मदाबाद के रोहिला निवासी धर्मेंद्र के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई।
सुनवाई के बाद न्यायाधीश ने आरोपी वीरेंद्र, संतराम, अमर सिंह, सर्वेश,
सुरेंद्र सिंह, रामस्वरूप, पन्नालाल को अपहरण के मुकदमे में दोषी करार
दिया। इनको सजा और जुर्माने से दंडित किया है। आरोपी कृपाशंकर उर्फ घुरई व
धर्मेंद्र को आरोप सिद्ध न होने पर मुकदमे से दोषमुक्त कर दिया गया है।