सर्राफा समेत चार दुकानों के ताले तोड़कर चोर हजारों का माल चुरा ले गए।
सूचना पर पहुंचे सीओ अमृतपुर ने जांच की। एसपी ने लापरवाही बरतने पर दो
सिपाहियों को लाइन हाजिर कर दिया है। चोरी की तहरीर थाना पुलिस को दी गई
है।
मोहल्ला सुनारवाली गली नाला मछरट्ठा निवासी अजय वर्मा की राजेपुर
थाना इलाके के जमापुर में सर्राफा की दुकान है। इनकी दुकान के पास ही
महमदपुर गाढ़िया निवासी मनोज कुमार की पशु आहार
और इसी गांव के रामदेव यहां
खाद्य और हार्डवेयर की दुकान किए हैं। इनके पास ही बदनपुर निवासी विमलेश
की परचून की दुकान है। सोमवार की शाम अजय दुकान बंद कर घर चले गए थे। देर
रात चोरों ने इन चारों दुकानों के ताले तोड़ दिए। चोर सर्राफा दुकान से
चांदी के जेवर और 7 हजार रुपये चुरा ले गए। मनोज की दुकान से 46 हजार रुपये
और 488 बोरी पशु आहार पार कर दिया।
रामदेव की दुकान से 10 हजार रुपये और
सामान चोरी कर लिया। विमलेश की दुकान से 8 हजार का सामान चोरी कर ले गए।
मंगलवार की सुबह दुकान खोलने के लिए पहुंचने पर दुकानदारों को चोरी की
जानकारी हुई। एक ही रात में चार दुकानों से चोरी से दुकानदारों में आक्रोश
फैल गया। इनका कहना था कि इन दुकानाें से चंद कदमाें की दूरी पर पुलिस की
पिकेट बैठती है। पुलिस को चोराें की भनक तक नहीं लगी। चोरी की खबर पर सीओ
अमृतपुर कालूराम दोहरे ने मौके पर जाकर जांच की।
दुकानदारों ने इनसे घटना
का खुलासा जल्द करने की मांग की। इन्हाेंने एफआईआर दर्ज कराने के लिए
तहरीर दी है। रात्रि ड्यूटी करने वाले सिपाही वीरेंद्र सिंह और सुरेश
वर्मा की लापरवाही की जानकारी एसपी को दी गई। एसपी विजय यादव ने दोनों
सिपाहियों को लाइन हाजिर कर दिया। प्रभारी एसओ उदयवीर सिंह ने बताया कि
दोनों सिपाही लाइन हाजिर हो गए हैं। चोरी की घटना का खुलासा किया जाएगा।
पीपल के पेड़ में बंधे पीतल के घंटे चोरी
थाना क्षेत्र के गांव कुइंयासंत स्थित ब्रह्मदेव महाराज मंदिर के पास लगे
पीपल के पेड़ पर टंगे पीतल के घंटे चोर चोरी कर ले गए। ब्रह्मदेव महाराज के
मंदिर के पास ही एक पीपल का पेड़ है। प्रधान अशोक गंगवार के मुताबिक
मुरादें पूरी होने पर भक्त पेड़ पर पीतल के घंटे चढ़ाते हैं।
सोमवार की रात
चोर पीपल पर टंगे दो दर्जन से ज्यादा घंटे चोरी कर ले गए। मंगलवार सुबह
प्रधान के चाचा जदुनाथ सिंह शौच के लिए उधर से गुजरे तो पीपल के पेड़ पर
टंगे घंटे नहीं थे। प्रधान अशोक गंगवार ने बताया कि पीपल के पेड़ पर करीब
34-35 घंटे पीतल के बंधे थे। इनका वजन करीब 80-90 किलो होगा। उन्होंने
बताया कि पुलिस को सूचना देने से कोई फायदा नहीं इसलिए नहीं दी।