फर्रुखाबाद। आश्रम की संपत्ति के लिए चल रहे विवाद में शनिवार को अधेड़ को गोली मारकर घायल कर दिया गया। घायल को लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया। संदेह होने पर कोतवाल ने पैनल से मेडिकल कराया। कोतवाल ने बताया कि मेडिकल में गोली लगने की पुष्टि नहीं हुई है।
कोतवाली क्षेत्र के पुराना पांचाल घाट पर ब्रह्मलीन संत भूलेश्वरानंद आश्रम है। इस आश्रम के एक हिस्से पर कोतवाली फतेहगढ़ के मोहल्ला कर्नलगंज निवासी अशोक शास्त्री और दूसरे हिस्से पर दुर्विजय सिंह काबिज हैं। आश्रम पर कब्जे के लिए दोनों के बीच विवाद चल रहा है।
इसकोे लेकर दोनों के बीच मुकदमेबाजी भी चल रही है। शनिवार की सुबह अशोक शास्त्री आश्रम में थे। जैसे ही वह आश्रम से कुछ दूर पहुंचे उसी समय दुर्विजय सिंह के बेटे राघवेंद्र सिंह और उनके साथ में दो अन्य लोगाें ने अशोक शास्त्री को घेर लिया। इस दौरान हमलावरों ने तमंचा निकाल लिया।
तमंचा देखकर अशोक शास्त्री ने वहां से भागने का प्रयास किया तो उसी समय हमलावरों ने उनके ऊपर फायर कर दिया। गोली उनके कंधे में जा लगी। घटना को अंजाम देने के बाद हमलावर वहां से भाग गए। घटना की जानकारी होने पर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। घायल को लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया।
अशोक शास्त्री के गोली लगने की जानकारी होने पर समाजसेवी डॉ. अनुपम दुबे और सपा नेता चन्नू यादव समेत काफी संख्या में लोग लोहिया अस्पताल पहुंच गए। जानकारी मिलने पर सीओ सिटी आलोक सिंह, शहर कोतवाल अजीत सिंह फोर्स के साथ लोहिया अस्पताल पहुंचे।
सीओ ने अशोक शास्त्री से घटना की जानकारी ली। एक्सरे में गोली की पुष्टि न होने पर कोतवाल को संदेह हुआ। इस पर कोतवाल ने सीएमएस डॉ. बीबी पुष्कर से मिलकर पैनल से मेडिकल कराने की मांग की। सीएमएस ने पैनल से घायल का मेडिकल कराया। कोतवाल ने बताया कि पैनल में हुए मेडिकल में गोली लगने की पुष्टि नहीं हुई है। जो तहरीर मिलेगी उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
घायल अशोक ने बताया कि दुर्विजय और उनका बेटा पूरे आश्रम पर कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं। इसी का विवाद चल रहा है। घायल अशोक मिश्रा की तहरीर पर पुलिस ने राघवेंद्र, कन्हईलाल और एक अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली। दर्ज कराई गई रिपोर्ट में कहा गया कि दुर्विजय सिंह ने उन्हें आश्रम से बेदखल करने के लिए मुकदमा डाल रखा है।