संदिग्ध परिस्थितियों में लगी आग से चार झोपड़ियों
में रखी नगदी, जेवरात समेत घरेलू सामान राख हो गया। ग्रामीणों ने कड़ी
मशक्कत कर आग बुझाई। आग से लाखों का नुकसान हुआ। लेखपाल ने मौके पर पहुंचकर
तहकीकात की। एक ग्रामीण की बेटी के विवाह के लिए रखे दहेज के सामान के साथ
जेवरात भी जल गए।
गांव करनपुर निवासी परशुराम की बेटी की बारात 28
अप्रैल को नवाबगंज थाना क्षेत्र के गांव ढुड़ियापुर से आनी है। घर में
रिश्तेदार भी आए हैं। रविवार सुबह करीब 9 बजे परशुराम की झोपड़ी में
संदिग्ध परिस्थितियों में आग लग गई।
आग की लपटें देख परिजन और नाते
रिश्तेदार शोर मचाते हुए बाहर भागे। आग ने कुछ ही देर में पड़ोसी हरनाथ
सिंह, अभिनंदन और रामबाबू की झोपड़ियों को भी चपेट में ले लिया।
धू
धू कर जलती झोपड़ियों को बुझाने के लिए ग्रामीण दौड़ पड़े। पंपसेट चलाकर
करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। परशुराम ने बताया कि
आग से 50 हजार रुपये, दहेज का सामान, सात पीपा घी, दो बोरी चीनी, सवा लाख
के जेवर, हरनाथ ने बताया पांच हजार रुपये, घरेलू सामान, अभिनंदन ने बताया
कि एक हजार रुपये, घरेलू सामान और रामबाबू ने बताया कि घरेलू सामान जलकर
राख हो गया।