थाना क्षेत्र के गांव मंझा की मड़ैया में शुक्रवार को पुलिस कर्मियों से मारपीट के मामले में शनिवार देर रात सीओ अमृतपुर सुरेंद्र तिवारी के नेतृत्व में तीन थानों व लाइन के फोर्स ने करनपुर घाट गांव में दबिश दी। इस दौरान उन्हें कोई भी नहीं मिला। टीम खाली हाथ लौट गई।
थाना क्षेत्र के गांव करनपुर घाट निवासी छेदालाल का ट्रैक्टर है। शुक्रवार को चालक हरदेव ट्रैक्टर लेकर मंझा की मड़ैया गांव में गन्ना भरने गया था। वापस आते समय रास्ते में पड़ी राजू की झोपड़ी ट्रैक्टर की ट्राली की चपेट में आ कर गिर गई। इससे सहदेव व राजू में विवाद होने लगा। गांव के ही पृथ्वीराज ने यूपी-100 को विवाद की सूचना दी। यूपी-100 टीम ने मौके पर पहुंच कर चालक सहदेव को पकड़ लिया। इसी दौरान पहुंचे सहदेव के परिजनों ने पुलिस कर्मियों से मारपीट शुरू कर दी। किसी ने पीछे से हेड कांस्टेबल शिव सिंह के सिर में लाठी मार दी। इससे उनका सिर फट गया। सिपाही जितेंद्र व मुकेश के साथ भी ग्रामीणों ने हाथापाई की।
मामले की सूचना पर अमृतपुर थानाध्यक्ष रामप्रकाश व राजेपुर थानाध्यक्ष राकेश कुमार फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे थे। लेकिन तब तक आरोपी मौके से फरार हो गए। पुलिस शिकायत करने वाले पृथ्वीराज व गांव के ही नरेश को अपने साथ थाने ले गई थी। वहां शिवसिंह को मेडिकल के लिए भेज दिया गया था। साथ ही पृथ्वीराज ने सहदेव, जदुवीर उर्फ जादू, रामवीर, राजवीर और राजेश के खिलाफ जान से मारने की धमकी व घर में घुस कर मारपीट का मामला दर्ज कराया था।
देर शाम एसपी संतोष मिश्रा ने भी घटना स्थल का जायजा लिया था साथ ही ग्रामीणों से बातचीत कर मामले की जानकारी ली थी। इसके बाद अमृतपुर थानाध्यक्ष रामप्रकाश व एक अन्य दरोगा सुरेंद्र सिंह ने भी मुकदमा दर्ज कराया था। इसके बाद शुक्रवार देर रात सीओ अमृतपुर सुरेंद्र तिवारी के नेतृत्व में स्वाट टीम, कमालगंज, राजेपुर, अमृतपुर थाना पुलिस व लाइन से फोर्स ने करनपुर घाट गांव में दबिश दी थी। हालांकि टीम को कोई आरोपी नहीं मिला। अमृतपुर थानाध्यक्ष रामप्रकाश ने बताया कि दबिशें दी जा रही हैं। जल्दी ही आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।