फर्रुखाबाद डीएम व एसपी के संयुक्त छापे में सेंट्रल जेल में कैदियों के पास बैरक नंबर पांच में मोबाइल, ईयरफोन व चार्जर मिलने के मामले में तीन जेल कर्मचारियों को सस्पेंड किया गया है। जेल अधीक्षक वेद प्रकाश त्रिपाठी ने बताया कि जांच के दौरान प्रथम दृष्टया जेल के इंचार्ज हेड वार्डेन द्वारिका प्रसाद, वार्डेन राजीव कुमार और अशोक यादव को दोषी पाया गया है। नियमित रूप से तलाशी लेने की इनकी जिम्मेदारी है। इन कर्मचारियों ने ड्यूटी के प्रति लापरवाही बरती है।
इसलिए तीनों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई शासन स्तर से की गई है। वहीं पूरे मामले की जांच कन्नौज जनपद के जेल अधीक्षक को सौंपी गई है। विस्तृत जांच रिपोर्ट आने के बाद यदि अन्य कर्मचारी दोषी मिलेंगे तो उन्हें भी दंडित किया जाएगा। मालूम हो कि फतेहगढ़ कोतवाली में तीन कैदियों जालौन निवासी आत्माराम, कानपुर देहात के नत्थू नाई व औरैया के सन्नाम चौहान के अलावा नवाबगंज के कैलाश, सीतापुर निवासी इंद्रजीत, कन्नौज के तिर्वा निवासी संजू सिंह और फर्रुखाबाद के खुदागंज निवासी बलराम के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
कैदियों के अलावा अन्य चार वे लोग हैं जिनकी आईडी पर लिए गए सिम का मोबाइल में इस्तेमाल हो रहा था। जेल में बंद जो कैदी मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर रहे थे उनसे पूछताछ में जेल के उन कर्मचारियों के नामों का खुलासा हो सकता है जो आपत्तिजनक सामग्री अंदर तक पहुंचाने में मददगार रहे। उधर कोतवाल अनूप कुमार निगम का कहना है जिनकी आईडी पर सिम निकले हैं, उनसे पूछताछ होगी। जो भी संलिप्त हैं, उनके खिलाफ सुबूत जुटाने के बाद कानूनी शिकंजा कसेंगे। जिलाधिकारी प्रकाश बिंदु की मानें तो बैरक तक पहुंचाने में जो भी दोषी है उस पर एक्शन होगा।