सपा नेता एवं राजेपुर के ब्लाक प्रमुख डॉ. सुबोध यादव उनके साथियों के खिलाफ दर्ज कराए गए मुकदमे की विवेचना शुरू हो गई है। मंगलवार को पीड़ित बीडीसी के घर पर पहुंचकर दरोगा ने जांच पड़ताल कर जानकारियां जुटाईं। इस दौरान गांव वालों ने भी घटना वाले दिन ब्लाक प्रमुख के गांव में जाने की पुष्टि की। मालूम हो कि गांव चाचूपुर निवासी बीडीसी अंजू राजपूत के पति जिला पंचायत सदस्य भाजपा नेता रमेश राजपूत ने ब्लाक प्रमुख सुबोध यादव, सपा नेता देवेंद्र उर्फ जग्गू यादव के खिलाफ नामजद व 25 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप लगाया है कि उक्त लोगों ने घर में पहुंचकर पूरे परिवार को जान से मार डालने की धमकी दी थी।
मंगलवार को विवेचक दरोगा छेदीलाल दिवाकर चाचूपुर गांव गए। बीडीसी अंजू राजपूत के बयान दर्ज किए। अंजू ने दरोगा को बताया कि सुबोध व उनके साथी लग्जरी कारों में सवार होकर आए थे। कारों में बैठे-बैठे ही धमकी दी थी। गांव के जगदीश से भी पूछताछ की। विवेचक ने बताया कि आरोपी ब्लाक प्रमुख सुबोध यादव के गांव में जाने की पुष्टि हुई है। केस से जुड़े अन्य पहलुओं पर भी छानबीन चल रही है।
जिला पंचायत सदस्य भाजपा नेता रमेश चंद्र राजपूत को सुरक्षा गार्ड मिल गए हैं। एसपी सुभाष सिंह बघेल के आदेश पर राजेपुर थाने से सिपाही रवींद्र गिहार व कमलेश सिंह सेंगर को उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
एसओ महेंद्र कुमार त्रिपाठी ने बताया कि उच्चाधिकारी के निर्देशानुसार पीड़ित परिवार को सुरक्षा व्यवस्था मुहैया करा दी गई है। मुकदमे की विवेचना के आधार पर दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ विधिक कार्रवाई होगी। जिला पंचायत सदस्य रमेश चंद्र राजपूत ने बताया कि राजेपुर ब्लाक प्रमुख डॉ. सुबोध यादव के खिलाफ जल्द ही अविश्वास प्रस्ताव लाएंगे। उनका प्रयास जारी है। बीडीसी से संपर्क कर रहे हैं। वे किसी भी सूरत में दबाव में नहीं आएंगे। लोकतंत्र की जीत होगी। उन्होंने सांसद मुकेश राजपूत को पूरे मामले की जानकारी दे दी है।