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आतंकी घटना नहीं, आपसी रंजिश का मामला आया सामने

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फर्रुखाबाद। कानपुर से भिवानी जा रही कालिंदी एक्सप्रेस में बर्राजपुर रेलवे स्टेशन पर हुए धमाके के मामले में आतंकी घटना सामने नहीं आई है। हालांकि रेलवे प्रशासन इसे सुरक्षा व्यवस्था की चूक मान रहा है। एटीएस व जीआरपी डायरी को आधार मानकर महत्वपूर्ण बिंदुओं पर अब भी जांच कर रही है।
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बुधवार देर शाम कालिंदी एक्सप्रेस में हुए धमाके के बाद पुलिस ने शुक्रवार को शिवराजपुर से पिता-पुत्र समेत तीन लोगों को हिरासत में लिया था। इसके बाद एटीएस और जीआरपी ने कुछ अन्य लोगों को भी शक के आधार पर पूछताछ के लिए पकड़ा था। मामले की जांच में लगे जीआरपी प्रभारी फर्रुखाबाद मुकेश मलिक भी दो दिन से बर्राजपुर में ही डेरा डाले हैं।

जीआरपी सूत्रों की मानें तो घटनास्थल पर मिली डायरी को आधार बनाकर जांच में सामने आया है कि यह घटना आतंकी नहीं है। आपसी रंजिश के चलते घटना को अंजाम दिया गया है, जिसका रूप आतंकवादी घटना जैसा किया गया। क्योंकि शुक्रवार को पकड़े गए पिता-पुत्र समेत तीन लोग पुलिस के मुखबिर बताए गए थे और इन लोगों ने अपने गांव के ही दो लोगों को पकड़वाया था। जेल से छूटने के बाद उन्हीं लोगों ने घटना को अंजाम दिया। पकड़े गए लोगों से अभी भी कई बिंदुओं पर अलग-अलग पूछताछ की जा रही है।
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डायरी में जिन शब्दों का इस्तेमाल किया गया है। उसमें ऐसे किसी शब्द का प्रयोग नहीं किया गया है, जिससे यह प्रतीत हो कि यह बात किसी आतंकी ने लिखी हो। इसके बावजूद एटीएस और जीआरपी हर बिंदु पर जांच कर रही है। यह जरूर माना जा रहा है कि रेलवे स्टेशन कानपुर सेंट्रल पर तमाम चेकिंग के बावजूद विस्फोटक पदार्थ लेकर कोई कैसे पहुंच गया। इस संबंध में जीआरपी प्रभारी फर्रुखाबाद मुकेश मलिक ने बताया कि कालिंदी एक्सप्रेस धमाके में महत्वपूर्ण बिंदुओं पर जांच की जा रही है। एक-दो दिन में घटना की तह तक पहुंच जाएंगे।
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