फर्रुखाबाद के जिला जज जयश्री आहूजा ने किशोरी के अपहरण में पिता-पुत्री को दोषी पाकर आठ साल की सजा सुनाई है तथा दोनों पर 22-22 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर चार माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
शहर कोतवाली क्षेत्र के देवरामपुर गांव निवासी नन्हीं 9 मई 2016 को अक्षय तीज के दिन पूजा करने के लिए एक गांव की किशोरी को घर से मंदिर बुला ले गई थी। इसके बाद से किशोरी घर नहीं पहुंची। परिजनों ने काफी खोजबीन की लेकिन कुछ पता नहीं चला।
गांव के लोगों ने देवरामपुर निवासी पूरनलाल के दो पुत्रों के साथ किशोरी को रेलवे स्टेशन की ओर जाते हुए देखा था। किशोरी के पिता ने घटना की तहरीर शहर कोतवाली में दी। पुलिस ने पूरन लाल व उसकी पुत्री नन्हीं के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर गिरफ्तार किया।
इनके खिलाफ अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया गया। मुकदमे की सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील व जिला शासकीय अधिवक्ता सुदेश प्रताप सिंह, सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता शैलेंद्र सिंह चौहान ने दलीले पेश कीं और सुनवाई पूरी होने पर जिला जज ने आरोपी पिता और पुत्री को दोषी पाकर सजा व जुर्माने से दंडित किया है।
किशोरी के अपहरण में पिता-पुत्री को आठ साल की कैद
22-22 हजार रुपये किया गया जुर्माना