कायमगंज मंडी में तंबाकू का मुख्य व्यापार है। मंडी निरीक्षक द्वारा शुल्क में करोड़ों रुपये का खेल करने की शिकायत की गई। इस पर जांच शुरू हुई तो गेटपास की पुस्तिकाएं ही गायब कर दी गईं। वह पुस्तिकाएं एक चपरासी के नाम से जारी की गई थीं। हालांकि इस खेल में कई लोगों के शामिल होने की आशंका है। फिलहाल चपरासी के खिलाफ तहरीर दी गई है।
कायमगंज में तंबाकू की खेती की जाती है। मंडी में एक ट्रक तंबाकू की लोडिंग में करीब 25 से 30 हजार रुपये का मंडी शुल्क लगता है। इससे गेट पास में फर्जीवाड़े का खेल शुरू हो गया। इस मामले में एक क्षेत्रीय व्यक्ति ने मंडी निरीक्षक के खिलाफ मंडी शुल्क का चूना लगाने की शिकायत उपनिदेशक से कर दी।
उसने साक्ष्य के तौर पर कुछ गेटपास भी सौंपे। इस पर मंडी निरीक्षक के हस्ताक्षर थे। उन्हीं गेटपास पर जांच शुरू हुई। भंडार प्रभारी ने उस नंबर के गेटपास चार पुस्तिकाएं एक चपरासी के नाम से जारी होने की जानकारी दी। पुस्तिका में 100 गेटपास होते हैं।
उस चपरासी के भी गेटपास पर हस्ताक्षर थे। जब चपरासी से चारो पुस्तिकाएं मांगी गईं तो उसने साफ मना कर दिया कि यह पुस्तिकाएं तो उसके पास हैं ही नहीं। 400 गेटपास में करीब एक करोड़ से अधिक शुल्क की हेराफेरी का अनुमान है।
मंडी सचिव कपिल कुमार गुप्ता ने बताया कि उपनिदेशक राजीव श्रीवास्तव ने चपरासी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए चार दिन पूर्व तहरीर दी है। मंडी शुल्क में करोड़ों का गबन होने की आशंका है। उपनिदेशक के आदेश पर वह मामले की जांच कर रहे हैं।
कायमगंज में मंडी शुल्क में करोड़ों का खेल
चार नग गेटपास गायब, कई में हेराफेरी
एक कर्मचारी के खिलाफ दी गई तहरीर