फर्रुखाबाद। मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय के पीछे परिवार नियोजन की दवाएं आदि सामान जलाए जाने के मामले में सीएमओ ने अपनी रिपोर्ट एडीएम को सौंप दी है। वहीं सिटी मजिस्ट्रेट पहले ही अपनी रिपोर्ट उन्हें दे चुके हैं। अब जल्द ही इस मामले में आगे की जांच की जाएगी।
करीब 20 दिन पहले सीएमओ कार्यालय के पीछे पुरानेे होम्योपैथिक स्टोर में रखी परिवार नियोजन की दवाएं जला दी गई थीं। मामले की जानकारी होने पर डीएम मोनिका रानी ने सिटी मजिस्ट्रेट आरए चौहान को मौके पर जांच के लिए भेजा था। मामले के तूल पकडने के बाद डीएम ने जांच एडीएम प्रशासनिक विवेक श्रीवास्तव, सिटी मजिस्ट्रेट आरए चौहान व लोहिया महिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. कैलाश की समिति को सौंपी थी। इस मामले में एडीएम ने सिटी मजिस्ट्रेट व सीएमओ दोनों ही अधिकारियों से उनकी रिपोर्ट तलब की थी। अब दोनों ने एडीएम को रिपोर्ट दे दी है। सीएमओ ने तीन कर्मचारियों को सूचना नहीं देने का दोषी माना है। एडीएम विवेक श्रीवास्तव ने बताया कि दोनों अधिकारियों की रिपोर्ट मिल गई है। अब जल्द ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। जो दोषी होंगे उन्हें छोड़ा नहीं जाएगा।
भवन गिराने के मामले को भी रखा जाएगा ध्यान
दो दिन पूर्व स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने जेसीबी लगवाकर होम्योपैथिक अस्पताल के पुराने भवन को गिरवा दिया था। जबकि इसी के बाहर दवाएं जलाई गईं थी। साथ ही इसी जर्जर भवन में परिवार नियोजन की अन्य दवाएं व किट रखीं थी। एडीएम ने बताया कि जांच करते समय भवन गिराने के मामले को भी ध्यान में रखा जाएगा।
- तीन कर्मचारी संदेह के दायरे में
अमर उजाला ब्यूरो