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ढोलक बजाने के विवाद में गोली मारकर हत्या

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अमर उजाला ब्यूरो
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नवाबगंज (फर्रुखाबाद)। थाना क्षेत्र के गांव नगला झब्बू सिंह में शादी वाले घर में शुक्रवार रात ढोलक बजाने पर पड़ोसियों में विवाद हो गया। शनिवार को बारात लौटने पर विवाद बढ़ गया। बारात वाले घर के पड़ोसी ने दूसरे पड़ोसी को विवाद करने का उलाहना दिया। इससे गुस्साए पड़ोसी ने तमंचे से फायर दिया। किशोर की गोली लगने से मौत हो गई। थानाध्यक्ष नवाबगंज, कायमगंज कोतवाल, सीओ मोहम्मदाबाद, एसओ मेरापुर फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। काफी देर तक महिलाओं ने शव को नहीं उठने दिया। उनका कहना था कि पुलिस की लापरवाही के कारण बेटे की मौत हो गई। इसके बाद पुलिस ने महिलाओं को भगा दिया और शव को कब्जे में ले लिया।

नगला झ्ब्बू सिंह निवासी मुकेश की बारात शुक्रवार को लखीमपुर खीरी गई थी। बारात में पड़ोसी रामपाल व उनका बेटा राहुल (16) भी गए थे। बारात जाने के बाद रामपाल और मुकेश आदि के परिवार की महिलाएं शुक्रवार रात ढोलक बजा रहीं थी। इसी दौरान पड़ोस में रहने वाले संतोष पुत्र सोनेलाल ने ढोलक बजाने का विरोध किया। महिलाओं ने मामले की शिकायत मोबाइल से बारात में गए परिजनों से की। शनिवार शाम को बारात वापस आने के बाद सामान आदि उतार कर रखा जा रहा था। इसी दौरान पड़ोसी संतोष भी वहां आ गया। रामपाल ने उससे रात की घटना का विरोध करते हुए कहा कि घर में महिलाएं अकेली थी तुम उनसे बदतमीजी क्यों कर रहे थे। इसी बात पर दोनों पक्षों में विवाद हो गया। अचानक संतोष ने तमंचे से रामपाल के बेटे राहुल को गोली मार दी। इससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
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सूचना पर सीओ मोहम्मदाबाद, तहसीलदार कायमगंज, एसओ मेरापुर, कायमगंज कोतवाल आदि फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। इस दौरान महिलाओं ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगा कर शव नहीं उठने दिया। काफी देर समझाने पर भी जब महिलाएं नहीं मानी तो पुलिस ने हाथापाई कर उन्हें खदेड़ दिया और शव को कब्जे में ले लिया। खबर लिखे जाने तक गांव में पुलिस फोर्स तैनात था।

पुलिस ध्यान देती तो ना होती किशोर की मौत
महिलाओं ने पुलिस पर आरोप लगाया कि यदि पहले लापरवाही ना बरतती तो उनका बेटा जिंदा होता। 15 दिन पहले भी रामपाल व संतोष के परिजनों में नल पर पानी भरने को लेकर विवाद हुआ था। इसमें दोनों पक्षों में जमकर मारपीट भी हुई थी। तब संतोष की परिवार की कई महिलाएं घायल हो गई थी। बाद में पुलिस ने दोनों पक्षों का समझौता करा दिया था। इसके तहत रामपाल को 10 हजार रुपये संतोष को देने पड़े थे। लोगों का कहना है कि संतोष को रुपये जरूर मिले थे लेकिन उसके दिमाग में परिवार की महिलाओं की पिटाई की बात घर कर गई थी।
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फिर बेऔलाद हो गए मां बाप
राहुल के पिता रामपाल तीन भाई हैं। छोटे भाई पूरन के कोई बच्चा नहीं था। इस कारण उन्होंने राहुल को गोद ले रखा था। गोली कांड के बाद से पूरन फिर बेऔलाद हो गया।
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