अमर उजाला ब्यूरो
फर्रुखाबाद। पांचाल घाट के पास भगुआ नगला में दो दिन पूर्व अधजला शव सीआरपीएफ जवान का निकला। उसके पिता ने पोस्टमार्टम हाउस पहुंच कर शिनाख्त की। वह मूलरूप से अलीगंज, एटा का रहने वाला था। वह भगुआ नगला गांव में बने मकान में परिवार के साथ रहता था।
कोतवाली शहर के भगुआ नगला पराग डेरी के पास आठ जून को डा. बीके यादव के खेत में युवक का शव मिला था। आरोपियों ने तार से गला कस कर हत्या करने के बाद शव को जला दिया था। शौच के लिए तड़के जब ग्रामीण उधर से निकले तो शव को जलता देखकर पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने आग बुझाई थी।
रविवार की सुबह परिवार के कुछ लोग लोहिया अस्पताल पहुंचे। यहां पर मौजूद फार्मासिस्ट सुधाकांत मिश्रा ने फोटो दिखा कर युवक के बारे में जानकारी करना चाही, लेकिन कुछ पता नहीं चला। किसी अज्ञात युवक के भर्ती न होने पर वह लोग पुलिस के पास पहुंचे। परिजनों को एक अज्ञात शव के मिलने की जानकारी दी गई। इसके बाद वह लोग पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। यहां पर शव को देखकर पिता रामदयाल दिवाकर ने बेटे के रूप में शिनाख्त की।
जिला एटा थाना अलीगंज के झकराई गांव निवासी रामदयाल ने बताया कि यह उसके बेटे दिनेश दिवाकर (30) का शव है। दिनेश सीआरपीएफ में बटालियन श्रीनगर में तैनात था। वह छुट्टी पर विमान से दिल्ली पहुंचा। यहां से वह बस से घर लौट रहा था। बताया कि 6 जून को उसकी बात हुई थी। इसके बाद से उसका मोबाइल स्विच आफ हो गया।
परिजनों ने बताया कि इसकी जानकारी सीआरपीएफ अफसरों को भी दे दी गई थी। उसका एक मकान भगुआ नगला में है। दिनेश परिवार के साथ वहीं पर रहता था। उसके दो बच्चे सौम्या और शौर्य हैं।
कोतवाल संजीव राठौर ने बताया कि शव को पिता के सुपुर्द कर दिया गया। अभी परिवार के लोगों ने कोई तहरीर नहीं दी। जल्द ही खुलासा कर हत्यारों को गिरफ्तार किया जाएगा। हालांकि उन्होंने हत्या में किसी करीबी का हाथ होने की आशंका जताई है।