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दोहरे हत्याकांड में भाई-भतीजों के साथ सजा काट रहा था हरिभान

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अमर उजाला ब्यूरो
फर्रुखाबाद। केंद्रीय कारागार में गला दबा कर मारे गए कैदी के तीन भाई और तीन भतीजे भी आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं। इन लोगों को दोहरे हत्याकांड में 20 अगस्त 2015 को सजा सुनाई गई थी।

मृतक कैदी हरिभान सिंह यादव का भतीजा बबलू शाम को केंद्रीय कारागार में चाचा की हत्या की जानकारी मिलने पर आया। उसने बताया कि वर्ष 1993 में गांव नौली में दोहरा हत्याकांड हुआ था, जिसमें हरिभान, उसके भाई संतराम, मुखराम यादव, वीरेंद्र उर्फ वीरे, भतीजे सुरजीत, विश्राम और आशराम के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। इस दोहरे हत्याकांड में इन सभी को 20 अगस्त 2015 को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। सभी लोग 30 दिसंबर 2016 तक जिला कारागार में रखे गए। इसके बाद सभी को 31 दिंसबर 2016 को केेंद्रीय कारागार सजा भुगतने के लिस लाया गया। जेल सूत्रों की मानें तो वर्तमान में मृतक कैदी के दो भाई व एक भतीजा बैरक नंबर दो व अन्य एक भाई व दो भतीजे भी अन्य किसी बैरक में सजा काट रहे हैं।
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पहले भी हुए हैं जेलों में विवाद
फर्रुखाबाद। केंद्रीय कारागार और जिला जेल कई बार विवाद हो चुके हैं। इसी साल जिला कारागार में कैदी और बंदियों ने अव्यवस्थाओं के कारण जेल पर कब्जा कर लिया था। अस्पताल में आग लगा दी थी। पुलिस, प्रशासनिक अधिकारी और कैदी व बंदियों के बीच गोरिल्ला युद्ध करीब पांच से छह घंटे तक चला था। जिसमें प्रभारी डीएम एनपी पांडेय, जिला कारागार अधीक्षक और बंदी रक्षक पथराव में घायल हो गए थे। केंद्रीय कारागार में भी व्यवस्थाओं को लेकर बंदियों ने भूख हड़ताल कर दी थी। तब जिला प्रशासन ने पहुंच कर बंदियों को समझाया और भूख हड़ताल समाप्त कराई थी।
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हत्या की होगी मजिस्ट्रेटी जांच
फर्रुखाबाद। जिलाधिकारी मोनिका रानी ने बताया कि केंद्रीय कारागार में कैदी की हत्या होने की जानकारी पर नगर मजिस्ट्रेट जैनेंद्र कुमार जैन को जेल भेजा था। उन्होंने प्रथम दृष्टया मामले की जांच की है। कैदी की हत्या के मामले की मजिस्ट्रेटी जांच कराई जाएगी।

दोहरे हत्याकांड में भाई-भतीजों के साथ सजा काट रहा था हरिभान
-बैरक नंबर दो में दो भाई और एक भतीजा बंद है
-दो भतीजे और भाई दूसरे बैरक में बंद हैं
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