फर्रुखाबाद। गैस एजेंसी का लाइसेंस स्वीकृत कराने के नाम पर पूर्व सैनिक से 41500 रुपये की ठगी हो गई। दोबारा खाते में रुपये भेजने का मैसेज आने पर शक हुआ तो मामले की जानकारी हुई।
फतेहगढ़ के जेएनवी रोड निवासी रिटायर्ड नायब सूबेदार विजय सिंह ने बुधवार को पुलिस अधीक्षक को प्रार्थनापत्र भेजा है। इसमें कहा कि जनवरी में उन्होंने इंडियन आयल गैस एजेंसी के लिए ऑनलाइन आवेदन किया। कुछ दिन बाद उनके पास व्हाट्सएप पर मैसेज भेजा गया कि उनके कागजात स्वीकृत हो गए हैं। इस पर उन्होंने बताए गए मुंबई स्थित बैंक के खाते में 41500 रुपये 13 फरवरी को ट्रांसफर कर दिए। दोबारा मैसेज के माध्यम से प्रस्तावित गैस गोदाम के भूमि के अभिलेख मंगाए गए। विजय सिंह ने मैसेज के जवाब में कहा कि भूमि के कागजात उनके परिजनों के नाम हैं। जिसे ट्रांसफर कराने में समय लगेगा। इस पर उनसे उसी खाते में एक लाख 35 हजार रुपये फिर डालने को कहा गया। शक होने पर उन्होंने अपने दोस्त से मुंबई में जानकारी कराई तो पता चला कि खाता नंबर इंडियन आयल कंपनी का नहीं है, बल्कि वह खाता नंबर किसी अन्य के नाम से है। अब उस नंबर से संपर्क भी नहीं हो पा रहा है।
पूर्व सैनिक से 41 हजार रुपये की ठगी
गैस एजेंसी का लाइसेंस स्वीकृत का दिया था झांसा