फर्रुखाबाद। भवन निर्माण सामग्री बेचने वाले व्यापारी की मंगलवार रात को पांचाल घाट पुल पर बाइक खड़ी मिली। उस पर सुसाइड नोट रखा था। उसमें आर्थिक परिस्थिति के चलते आत्महत्या करने की बात लिखी है। परिजनों की सूचना पर पुलिस ने गोताखोरों को रात को ही गंगा में उतारा पर व्यापारी का कुछ पता नहीं चला।
शहर कोतवाली क्षेत्र के गांव भगुआ नगला निवासी मदन सिंह(35) पुत्र ब्रह्मानंद की पांचाल घाट पर भवन सामग्री की दुकान है। मंगलवार की रात करीब साढ़े दस बजे मदन सिंह ने अपनी पत्नी रीना से कहा कि वह घर से जा रहे हैं और गंगा में कूदकर जान दे देंगे। पत्नी ने उन्हें रोका पर वह नहीं रुके और बाइक उठाकर घर से निकल आए। इसके बाद रीना ने पड़ोस में रहने वाले मदन सिंह के चाचा नित्यानंद को मामले की जानकारी दी। इस पर नित्यानंद पांचाल घाट पुल पर पहुंचे तो वहां पर मदन सिंह बाइक खड़ी थी। उसके पास ही उसकी चप्पलें उतरी थीं। बाइक की हेड लाइट के ऊपर सुसाइड नोट चिपका था। उसमें लिखा था कि मैं मदन सिंह चौहान अपनी आत्महत्या की जिम्मेदारी खुद लेता हूं। इसमें किसी का दोष नहीं है। यह कदम मै आर्थिक परिस्थितियों के चलते ले रहा हूं, क्योंकि मुझे और कोई दूसरा रास्ता नहीं दिख रहा है। जो व्यक्ति इसे पढ़े वह दोनों मोबाइल नंबर पर सूचना दे दे। सुसाइड नोट में दो मोबाइल नंबर लिखे हैं। दोनों नंबर परिजनों के हैं। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर छानबीन शुरू की और रात को ही गोताखोरों को गश्त में उतार दिया पर मदन सिंह का कहीं कुछ पता नहीं चला। सुबह भी गोताखोर गंगा में मदन सिंह को खोजते रहे पर वह नहीं मिला। मदन सिंह की मां रामेश्वरी देवी फतेहगढ़ स्थित कोषागार में लिपिक हैं। पिता की मौत हो चुकी है। मदन सिंह के बेटा वंश(8) और बेटी बिट्टू(4) है। परजिनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजन यह नहीं बात पा रहे हैं कि मदन सिंह ने यह कदम क्यों उठाया। पुलिस मामले की छानबीन करने में जुटी है। कोतवाली राजेश पाठक ने बताया कि परिजन घटना की वजह स्पष्ट नहीं कर पा रहे हैं। मदन को खोजने का प्रयास किया जा रहा है।