फर्रुखाबाद। लूट के मुकदमे में जेल भेजे गए दो सिपाहियों को जिला कारागार फतेहगढ़ के बंदियों ने जेल के अंदर घेर लिया। दोनों सिपाहियों से हाथापाई की दी। हंगामा होने पर बंदी रक्षकों ने दोनों सिपाहियों को बचाया और अधिकारियों को अवगत कराया। जेल प्रशासन ने बंदियों के गुस्से को देखते हुए दोनों सिपाहियों को जिला कारागार से सेंट्रल जेल भिजवाया। तब बंदियों का गुस्सा शांत हुआ।
इटावा जिले के थाना नशीदीपुर निवासी सिपाही सुरजीत सिंह चौहान व कानपुर देहात जिले के थाना मूसानगर निवासी सिपाही सुरेश चंद्र ने लूट के मुकदमे में सोमवार को अदालत में समर्पण किया था। दोनों लोगों को न्यायिक अभिरक्षा में जिला कारागार फतेहगढ़ भेजा गया। शाम को जिला कारागार में दोनों सिपाही पहुंचे। जिनको देखकर बंदियों ने कहा कि पुलिस कर्मी बिना किसी बात के लोगों को पकड़ लेते हैं और मारपीट करते हैं। यह कहते हुए बंदियों ने दोनों को रात करीब नौ बजे बैरक में घेर लिया। उनके साथ हाथापाई शुरू कर दी। शोर होने पर बंदी रक्षक बैरक के पास पहुंचे और दोनों सिपाहियों को बंदियों से छुड़वा कर बैरक से बाहर निकाला। इसकी जानकारी पर जेल अधीक्षक और जेल भी मौके पर पहुंच गए। बंदियों ने जेल में हंगामा शुरू कर दिया। विवाद और हंगामा बढ़ता देखकर जेल प्रशासन ने जिलाधिकारी को मामले की पूरी जानकारी दी।
सुरक्षा के लिए दोनों आरोपी सिपाहियों को रात में ही जिला कारागार से सेंट्रल जेल में शिफ्ट किया गया। जेलर गिरिजा शंकर यादव ने बताया कि दोनों सिपाहियों से बंदियों ने विवाद कर दिया था। जिला कारागार में अलग से रखने की सुविधा नहीं है। सुरक्षा के लिए उच्च अधिकारियों के निर्देश पर दोनों सिपाहियों को जिला कारागार से सेंट्रल जेल में रात में शिफ्ट करा दिया गया था।