कायमगंज। स्थानीय जामा मस्जिद को लेकर शुरू हुए भ्रामक प्रचार ने एक ट्वीट के बाद रविवार रात तूल पकड़ लिया। इसके बाद पुलिस व प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। रात को ही मामले की जांच की गई तो पता चला कि जामा मस्जिद सरकारी भूमि पर नहीं बनी है। इसके बाद ट्वीट कर धार्मिक उन्माद फैलाने वाले अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।
नगर के मोहल्ला सब्जी मंडी जवाहरगंज निवासी हिंदू जागरण मंच के विभागध्यक्ष प्रदीप सक्सेना ने 20 मई को पुलिस को ज्ञापन देकर कहा था कि नगर की जामा मस्जिद सरकारी भूमि पर बनी है। इसे हटाया जाए। ज्ञापन के साथ प्रदीप ने दरोगा को खतौनी भी दी थी।
इससे पहले प्रदीप ने फेसबुक पर भी खतौनी के साथ जामा मस्जिद के सरकारी भूमि पर बने होने की पोस्ट डाली थी। इसी पोस्ट को ऑल इंडिया मीडिया एसोसिएशन के नाम से बने ट्विटर अकाउंट से एडीजी सहित अन्य उच्चाधिकारियों को ट्वीट कर दंगे की आशंका व्यक्त की गई थी।
इसके बाद ही जिला प्रशासन व पुलिस के अधिकारी सक्रिय हो गए। रात को ही लेखपाल को बुलाकर एसडीएम व सीओ ने जांच कराई तो पता चला कि जामा मस्जिद सरकारी भूमि पर नहीं है। इसकी जानकारी प्रदीप सक्सेना को दी गई। इस पर प्रदीप सक्सेना ने एसडीएम से लिखित में खेद व्यक्त किया।
इसके बाद एसपी के आदेश पर कोतवाली के दरोगा मदन लाल ने आल इंडिया मीडिया एसोसिएशन के नाम से ट्वीट करने वाले अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ धार्मिक उन्माद फैलाने के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया।
एसपी अशोक कुमार मीणा ने बताया कि धार्मिक उन्माद फैलाने वाले के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। आरोपी का पता लगाकर उसकी गिरफ्तारी के लिए टीम लगा दी गई है। जामा मस्जिद सरकारी भूमि पर नहीं बनी है। यह बात जांच में स्पष्ट हो गई है।