फर्रुखाबाद। एक दिव्यांग की टिकट बनाने पर परिजनों ने परिचालक से हाथापाई कर दी। एआरएम को पुलिस बुलानी पड़ी। पुलिस के पहुंचने से पहले ही आरोपी भाग गए।
शहर के एक मोहल्ला निवासी दिव्यांग मंगलवार शाम एटा से परिवार समेत स्थानीय डिपो की बस में सवार हुआ। परिचालक ने टिकट मांगी, तो दिव्यांग ने सीएमओ की ओर से बना पुराना दिव्यांग प्रमाण पत्र दिखाया। परिचालक ने यूनिक कार्ड दिखाने के लिए कहा, तो उसने इनकार कर दिया। काफी हीलाहवाली के बाद परिचालक ने दिव्यांग और उसके परिजनों की टिकट बना दी। इससे दिव्यांग भड़क गया।
उसने रास्ते में ही फोन करके अपने भाई-भतीजों को बस अड्डे पर बुला लिया। बस के पहुंचते ही दिव्यांग के भाई-भतीजों ने कई युवकों के साथ परिचालक अनिल सक्सेना से गाली-गलौज करनी शुरू कर दी। परिचालक ने माहौल खराब होता देखा, तो पूछताछ घर की ओर भागा। इस पर भीड़ भी उसके पीछे दौड़ी और परिचालक से हाथापाई कर दी।
मौके पर पहुंचे एआरएम आरसी यादव ने पुलिस बुला ली, लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले आरोपी भाग गए। एआरएम ने बताया कि शासन का आदेश है कि दिव्यांग बिना यूनिक कार्ड के बसों में फ्री यात्रा नहीं कर सकेंगे। दिव्यांग के पास कार्ड नहीं था। परिचालक से कोतवाली में तहरीर देने के लिए कहा गया है।