फर्रुखाबाद। पहली बार चार्ज पाने में सफल हुए दरोगा अकुंश राघव को भाजपा सांसद के पुत्र व भतीजे के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने पर बुधवार रात कुर्सी गंवानी पड़ी। सांसद के पुत्र व भतीजे से नजदीकियों के चलते एसओजी प्रभारी जहानगंज एसओ का चार्ज पाने में सफल रहे। छात्रा की हत्या में सीओ कायमगंज ने दो जांचों में इंस्पेक्टर रामबाबू पटेल को दोषी ठहराया है। उन्हें एसओजी की जिम्मेदारी दी गई है।
आईजी कानपुर के यहां से चार्ज का अनुमोदन करवाने के बाद दरोगा अंकुश राघव किसी तरह 24 जुलाई को जहानगंज एसओ बने थे। इस बीच मौरंग कारोबारी विक्रांत सिंह उर्फ राना सरकार व भाजपा सांसद मुकेश राजपूत के विवाद ने तूल पकड़ लिया। शनिवार को मौरंग कारोबारी पर जहानगंज थाना क्षेत्र के गांव महरूपुर खार में हमला हो गया। इसमें मौरंग कारोबारी की तहरीर पर एसओ ने सांसद के पुत्र अर्पित व भतीजे राहुल राजपूत के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया था।
इसके बाद भाजपाई नाराज हो गए गए थे। भाजपाइयों की यह नाराजगी एसओ अंकुश राघव को भारी पड़ गई। एसपी डॉ. अनिल मिश्र ने बुुधवार रात अंकुश राघव को जहानगंज थानाध्यक्ष के पद से हटाकर जनसूचना सेल का प्रभारी बना दिया है। जहानगंज थाने की जिम्मेदारी एसओजी प्रभारी दिनेश गौतम को दी गई है। बताया जा रहा है दिनेश गौतम की सांसद के पुत्र व भतीजों की नजदीकी का इनाम मिला है।
सितंबर 2019 में तत्कालीन शमसाबाद एसओ रामबाबू पटेल के कार्यकाल में छात्रा का शव रेलवे ट्रैक पर वस्त्रविहीन मिला था। परिजनों को टरकाने व रिपोर्ट दर्ज न करने तत्कालीन एडीजी की फटकार के बाद एसपी ने रामबाबू पटेल को निलंबित कर दिया था। उनके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश सीओ कायमगंज को दिए थे। सीओ ने दोनों ही जांचों में रामबाबू पटेल को दोषी ठहराकर फाइल एसपी के पास भेज दी थी।
जो कि एसपी के कार्यालय में लंबित है। एसपी ने रामबाबू पटेल को एसओजी प्रभारी बना दिया है। पूछने पर एसपी डॉ. अनिल मिश्र ने बताया कि एसओजी प्रभारी किसी थाने के इंचार्ज का पद नहीं है।