फर्रुखाबाद। स्कूल में लिपिक की नौकरी लगवाने के नाम पर कानपुर के आर्यावर्त ग्रामीण बैंक के कर्मचारी व उसके साथी ने आठ लाख रुपये की ठगी कर ली है। नौकरी न लगने पर रुपये वापस मांगे तो पुलिस से बंद कराने की धमकी दी। एसपी के आदेश पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।
आवास विकास कालोनी निवासी सत्यप्रकाश चौहान ने एसपी को प्रार्थना पत्र दिया। इसमें बताया कि पुत्र अवधेश आर्यावर्त ग्रामीण बैंक निकट ट्रैफिक पुलिस लाइन मीरपुर जिला कानपुर में नौकरी करता है। उसके साथ में सुशांत सिंह चंदेल निवासी ट्रैफिक पुलिस लाइन मीरपुर भी नौकरी करता है। उसने अवधेश से कहा कि छोटा भाई आशीष स्नातक हो तो वह एक स्कूल में लिपिक के पद पर आठ लाख रुपये में नौकरी लगवा देगा। इस पर अवधेश ने हामी भर दी।
सुशांत ने धर्मेंद्र निवासी गांव सुरजनपुर दुरजाना थाना हरपालपुर जिला हरदोई, ( वर्तमान पता जिला अधिकारी आवास सिविल लाइन फतेहगढ़) से मुलाकात कराई। 8 फरवरी 2017 को इन लोगों के कहने पर नौकरी के लिए आठ लाख रुपये दे दिए। काफी समय बीत गया और नौकरी भी नहीं लगी। इस पर सुशांत से रुपये वापस मांगे। इस पर सुशांत ने गालीगलौज कर धमकी दी और कहा कि उसके पिता पुलिस विभाग में हैं। वह उसे मुकदमे में फंसाकर बंद करवा देगा। एसपी के आदेश पर पुलिस ने बुधवार को मुकदमा दर्ज कर लिया है। कोतवाल अजय नारायण सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।