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प्रसूता की मौत पर मुकदमा नहीं, एसपी से गुहार

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फर्रुखाबाद। नर्सिंग होम में प्रसूता की मौत के बाद कोतवाली में मुकदमा दर्ज न होने पर परिजन एसपी डा. अनिल मिश्र से मिलने पहुंचे। उन्होंने कोतवाल पर मुकदमा दर्ज करने में टालमटोल करने का आरोप लगाया। आरोप लगाया कि इस नर्सिंग होम में पहले भी चार मरीजों की मौत हो चुकी है। फिर भी स्वास्थ्य महकमा बेपरवाह है। कादरीगेट चौकी प्रभारी डाक्टर के संपर्क में हैं। वही एसपी आवास से परिजनों को बिना मिले ही वापस ले आए।
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शहर के लालगेट निवासी देेशप्रेमी की पत्नी पार्वती (25) को प्रसव के लिए मसेनी के पास बागलकूला स्थित एक नर्सिंगहोम में शनिवार को भर्ती कराया था। डाक्टर ने ऑपरेशन के बाद हालत बिगड़ने पर उसे बाहर ले जाने को कहा थी लेकिन रविवार सुबह अस्पताल में ही उसने दम तोड़ दिया था। इस पर गुस्साए परिजनों और अस्पताल कर्मियों में मारपीट, तोड़फोड़ हुई थी। डीएम के आदेश पर प्रसूता का पैनल से पोस्टमार्टम कराया गया था। रिपोर्ट भी कोतवाली आ गई। बावजूद इसके मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। परिजनों ने आरोप लगाया कि कोतवाल पहले शाम को फिर सुबह रिपोर्ट दर्ज करने की बात कहते रहे। इससे गुस्साए परिजन मोहल्ले वालों के साथ शाम तीन बजे एसपी डा. अनिल मिश्र के आवास पर जा पहुंचे। परिजनों का आरोप है कि कोतवाल रिपोर्ट लिखने में टालमटोल कर रहे हैं।
एसपी से मिलने की भनक लगते ही कादरीगेट चौकी प्रभारी बलराज भाटी पहुंच गए। उन्होंने परिजनों से बात की। समझाकर दरोगा परिजनों के एसपी से बिना मिले ही वापस ले आए। उधर, डाक्टर समझौते को लेकर लगातार चौकी प्रभारी के संपर्क में है। कार्रवाई करने के बजाय पुलिस समझौते को लेकर ज्यादा प्रयासरत है। पुलिस सूत्रों की मानें तो शनिवार रात विवाद के बाद पहुंची पुलिस ने नर्सिंग होम के तीन कर्मियों को हिरासत में ले लिया था। उन्हें छोड़ भी छोड़ दिया गया है।
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सीएमओ की जांच रिपोर्ट का इंतजार : कोतवाल
शहर कोतवाल देवेंद्र दुबे का कहना है कि हाईकोर्ट के आदेश के चलते डाक्टर के खिलाफ सीधे मुकदमा नहीं लिखा जा सकता। लिहाजा उन्होंने तहरीर को सीएमओ के पास भेज दिया है। अब जैसे ही रिपोर्ट आएगी, वह उसी के आधार पर मुकदमा दर्ज करेंगे।
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