शमसाबाद रेलवे ट्रैक पर छात्रा की मौत का डेमो करती लखनऊ से आई फॉरेंसिक टीम। संवाद न्यूज एजेंसी
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शमसाबाद। लखनऊ से आई फोरेंसिक टीम ने गांव के पास रेलवे ट्रैक पर छात्रा की मौत की घटना का डेमो किया। बनाए गए शव को रेलवे ट्रैक पर फेंक कर वहां कई मीटर दूरी तक खून भी फैलाया। टीम ने कई घंटे तक छानबीन की। रिपोर्ट आने के बाद ही विवेचक अब आगे की कार्रवाई कर सकेंगे।
थाना क्षेत्र निवासी छात्रा का शव 14 अक्तूबर को रेलवे ट्रैक पर वस्त्रविहीन हालत में पड़ा मिला था। छात्रा 13 अक्तूबर को रविवार के दिन कोचिंग पढ़ने की बात कहकर घर से निकली थी। जिले के पुलिस नोडल अधिकारी एडीजी प्रेम प्रकाश के हस्तक्षेप से हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ था और तत्कालीन एसओ रामबाबू को निलंबित कर दिया गया था। पुलिस की कई टीमें जांच कर रही थीं लेकिन कुछ खास सामने नहीं आया।
बुधवार को लखनऊ से आए फोरेंसिक टीम के वैज्ञानिक डा. पीके श्रीवास्तव, सहायक लखन सिंह, राहुल ने घटना स्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। छात्रा घटना वाले दिन किस ओर से आई और खून किस ओर ज्यादा और किस ओर कम पड़ा था इसका आंकलन किया गया। उन्होंने माना कि फर्रुखाबाद की ओर से आने वाली ट्रेन से यह घटना हुई है। बनावटी शव को ट्रैक पर उसी स्थान पर उछाल कर घसीटा गया। ट्रैक पर खून जैसा रंग फैलाया गया। टीम ने जांच के बाद बताया कि घटना आपराधिक प्रतीत नहीं हो रही है। शीघ्र ही इसकी रिपोर्ट बनाकर विवेचक को भेजेंगे। उनके साथ में जिले की फारेंसिक टीम के वैज्ञानिक डा. ओम प्रकाश, दरोगा सुरेंद्र, एसओ जेएल सोनकर मौजूद रहे।