फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दुष्कर्म और हत्या के दोषी पूर्व सैनिक व साथी को उम्रकैद

विज्ञापन
विज्ञापन
फर्रुखाबाद। फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम के न्यायाधीश राकेश कुमार सिंह प्रथम ने गांव के रिश्ते की भतीजी से दुष्कर्म और जहर देकर उसके भाई की हत्या करने में दोषसिद्ध पूर्व सैनिक व उसके साथी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। दोनों पर दो-दो लाख रुपये का जुर्माना किया है।
विज्ञापन

फतेहगढ़ के मोहल्ला हाथीखाना निवासी पूर्व सैनिक सुबोध चंद्र अवस्थी की पत्नी माहेश्वरी देवी कन्नौज के थाना गुरसहायगंज के एक गांव की रहने वाली थी। वहीं के रहने वाले रिश्ते के साले के पुत्र को सुबोध 1998 में पढ़ाने के लिए अपने घर फतेहगढ़ के मोहल्ला हाथीखाना ले आया था। कुछ दिन साले के दूसरे पुत्र और पुत्री को भी बुला लाया। साले की पुत्री (भतीजी) से सुबोध और उसका दोस्त बलराम दुष्कर्म करने लगा।
इसकी जानकारी युवती के दोनों भाइयों को हुई। उन्होंने विरोध किया। इसके बाद 10 जुलाई 1998 को सुबोध ने साले के दोनों पुत्रों को बाजार भेजा, वहां से लौटने पर लड्डू खाने के लिए दिए। एक भाई ने लड्डू खा लिया और दूसरे ने खाने से इनकार कर दिया। लड्डू खाने के कुछ देर बाद युवक की हालत बिगड़ गई। नर्सिंग होम लेकर गए तो डॉक्टर ने युवक (भतीजे) को मृत घोषित कर दिया।
विज्ञापन

युवक के पिता ने फतेहगढ़ कोतवाली में सुबोध चंद्र अवस्थी, बलराम और सुबोध की पत्नी माहेश्वरी देवी के खिलाफ जहर देकर पुत्र की हत्या और पुत्री से दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने जांच कर आरोप पत्र कोर्ट में दाखिला किया। सुनवाई के दौरान आरोपी माहेश्वरी देवी की मौत हो गई। सुबोध और बलराम के खिलाफ सुनवाई हुई।
बचाव पक्ष के वकील व सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता तेज सिंह राजपूत, शिवनरेश सिंह ने दलीलें पेश कीं। सुनवाई के बाद न्यायाधीश ने पूर्व सैनिक सुबोध चंद्र अवस्थी व बलराम को दुष्कर्म और हत्या करने के जुर्म में 29 जून को दोषी करार दिया था। बुधवार को दोषसिद्ध पूर्व सैनिक सुबोध चंद्र अवस्थी और उसके साथी बलराम को सजा और जुर्माने से दंडित किया।
खुद को बचाने के लिए मकान मालिक पर खिलाई थी रिपोर्ट
सुबोध चंद्र अवस्थी फतेहगढ़ के मोहल्ला हाथीखाना में राधेश्याम के मकान में किराये पर रहता था। जहर देकर युवक की हत्या करने के बाद खुद को बचाने के लिए पूर्व सैनिक ने मकान मालिक व दूसरे किरायेदार को फंसाने का जाल बिछाया था।
मकान मालिक से युवक का विवाद दिखाया और मकान मालिक पर युवक को लड्डू में जहर देने का आरोप लगाकर तहरीर दी थी। इस पर पुलिस ने मकान मालिक समेत दो के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। युवक के पिता की तहरीर पर जब पुलिस ने जांच की तो मामला ही कुछ और निकला, तब पूर्व सैनिक, उसकी पत्नी व उसके साथी को आरोपी बनाया गया था।
पूर्व सैनिक के इस कृत्य से समाज होता आहत
न्यायाधीश ने निर्णय में टिप्पणी कर कहा कि अभियुक्त सुबोध चंद्र अवस्थी भारतीय थल सेना का सेवानिवृत्त हवलदार है। देशवासी सैनिक का सम्मान करते हैं। वास्तव में हमारे सैनिक सम्मान के पात्र हैं। हमारे सैनिक अपनी ड्यूटी के दौरान तिरंगे की शान एवं वर्दी के सम्मान में अपने सीने पर गोलियां खाकर शहीद हो जाते हैं, परंतु तिरंगे की शान व वर्दी के सम्मान में कोई आंच नहीं आने देते हैं।
देशवासी भी यही अपेक्षा करते हैं कि सेवानिवृत्त हो जाने के बाद सैनिक अपनी सेवा से निवृत्त होता है, उसके साथ तिरंगे की शान एवं वर्दी का सम्मान जुड़ा ही रहता है। सेवानिवृत्त के उपरांत एक सैनिक के इस तरह के कृत्य से समाज आहत होता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें