फर्रुखाबाद। घर से भाई की शादी के कार्ड बांटने निकले मौसेरे भाइयों की बाइक में तेज रफ्तार डीसीएम ने फर्रुखाबाद-बदायूं मार्ग पर गौटिया के पास टक्कर मार दी। गंभीर रूप से घायलों को लोहिया अस्पताल लाया। वहां मृत घोषित कर दिया गया। एक कंप्यूटर डिजाइनर और दूसरा भाई छपाई कारीगर इकलौता पुत्र था।
शहर कोतवाली के मोहल्ला अंगूरीबाग बांसमंडी निवासी विवेक कुशवाहा (32) के छोटे भाई विपिन कुशवाह की 10 मार्च को शादी है। वह शुक्रवार सुबह अपने मौसेरे भाई गंगादरवाजा निवासी अजय कुशवाहा उर्फ गुड्डू (30) के साथ बाइक से शादी के कार्ड बांटने निकले। बताते हैं कि शाम करीब पांच बजे वह राजेपुर थाना क्षेत्र के फर्रुखाबाद-बदायूं मार्ग पर गौटिया गांव के पास पहुंचे, तभी बदायूं की ओर जा रही तेज रफ्तार डीसीएम ने बाइक में टक्कर मार दी। इससे दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस घायलों को लोहिया अस्पताल लेकर पहुंची। वहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। हेलमेट न लगाए होने से सिर में गंभीर चोटें आई थीं।
विवेक तीन भाइयों में सबसे बड़ा था। छोटे विपिन और शैलेश हैं। पत्नी सुनीता, पुत्र शौर्य व पुत्री अवनी और मां द्रौपदी बेहाल हैं। अजय इकलौता बेटा है। बहन पूजा, पत्नी लक्ष्मी, बेटा लक्ष्य है। मां की कई साल पहले मौत हो चुकी है। शव मोर्चरी में रखवा दिए हैं। परिजन बेहाल हैं। डीसीएम पुलिस के कब्जे में है।
पुलिस करती रही कॉल, नहीं मिली एंबुलेंस
दुर्घटना के बाद तड़प रहे दोनों घायलों को अस्पताल पहुंचाने के लिए राजेपुर थाना पुलिस ने कई बार 108 नंबर पर कॉल की, मगर एंबुलेंस उपलब्ध नहीं हो सकी। इस दौरान घायलों का रक्तस्राव होता रहा। बाद में पुलिस निजी वाहन से लोहिया अस्पताल लेकर पहुंची, मगर तब तक सांसें थम चुकी थीं। प्रोजेक्ट मैनेजर विजय सिंह चौहान ने बताया कि सिपाही विनय ओझा ने 108 पर एक बार कॉल की थी। इसके बाद बैक कॉल आती रही, मगर उन्होंने रिसीव नहीं की। जब तक वह निजी वाहन से दोनों को उठाकर लोहिया अस्पताल ले आए।
परिजन की पुलिस से हुई धक्का-मुक्की
पुलिस दुर्घटना में घायल विवेक और अजय को लेकर निजी वाहन से लोहिया अस्पताल पहुंची। अस्पताल चौकी के पास पड़े एक तार में वाहन का पहिया फंस गया। इसी दौरान परिजन ने सांसें चलने की बात कहकर जल्दी ले चलने को कहा। राजेपुर थाना पुलिस ने कुछ कह दिया, तो धक्का-मुक्की होने लगी। हालांकि कादरीगेट थाना पुलिस ने पहुंचकर मामला शांत किया।
परिजन ने आज जाने से किया था इन्कार
लोहिया अस्पताल में मौजूद परिजन चीख-चीख कर कह रहे थे कि होली के त्योहार का बाद बेतरतीब वाहनों की आशंका के चलते दोनों से मना किया था। मगर दोनों भाइयों ने कहा कि वह आराम से जाकर कार्ड बांटने का काम निपटा आएंगे। अब समय भी कम बचा है, मगर किसी को क्या पता था कि ऊपर वाले को कुछ और ही मंजूर था।
दो शादियों का चल रहा था जश्न, मौत के बाद चीख-पुकार
फर्रुखाबाद। शुक्रवार शाम पांच बजे तक जिन घरों में दो-दो शादियों का जश्न चल रहा था, वहां एक पल में चीख-पुकार मच गई। परिजन खरीदारी में व्यस्त थे। घरों में शादी के धार्मिक कार्यक्रम भी शुरू हो चुके थे। अब हालात बेहद गमगीन हैं।
अंगूरीबाग निवासी विवेक कुशवाहा के छोटे भाई विवेक की चार दिन बाद 10 मार्च को बारात जानी है। विवेक उसी के कार्ड बांटने रिश्तेदारों के यहां गया था। विवेक के तहेरे भाई अवधेश कुशवाहा की बेटी शालिनी की 12 मार्च को बारात आनी है। दोनों ही घरों में खरीदारी चल रही थी। घरों में शादी की रस्में भी शुरू हो गई थीं। अचानक शाम साढ़े पांच बजे के करीब आई एक कॉल ने चीख-पुकार मचा है। कुछ युवा घटनास्थल की ओर वाहनों से भागे, तो कुछ लोहिया अस्पताल पहुंचे। हर तरफ चीख-पुकार मच गई। परिवार के लोग बेहाल हैं। जिन घरों में शादियों का जश्न चल रहा था, वहां मातम पसर गया।
फोटो-32 विवेक कुशवाहा: फाइल फोटो