फर्रुखाबाद। फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम के न्यायाधीश राकेश कुमार ने कक्षा 11 की छात्रा को ले जाने के जुर्म में युवक को दोषी पाकर ढाई साल की सजा सुनाई है। 10 हजार रुपये जुर्माना किया है। जुर्माना अदा न करने पर अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। युवक के पिता और दो भाइयों को आरोप सिद्ध न होने पर दोषमुक्त किया है।
जहानगंज थानाक्षेत्र के गांव बरूआ नगला निवासी पवन कुमार सात नवंबर 2013 को कक्षा 11 की 16 वर्षीय छात्रा को अपने साथ ले गया था। घर न लौटने पर छात्रा के पिता ने उसकी खोजबीन की, तब पता चला कि पवन उसको अपने साथ ले गया है। पिता ने पवन के घर जाकर शिकायत की तो उसके परिजनों ने उनसे गाली-गलौज किया और धमकी दी। पीड़ित पिता ने पवन, उसके पिता अमर सिंह, भाई धर्मेंद्र व सूरज के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई।
पुलिस ने जांच कर अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। छात्रा को बरामद कर कोर्ट में बयान दर्ज कराए गए। छात्रा ने कोर्ट में दिए बयान में कहा कि उसने पवन के साथ शादी कर ली और वह उसी के साथ रहती है।
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील व सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता तेजसिंह राजपूत, संजीव कुमार पाल ने दलीलें पेश कीं। सुनवाई पूरी होने के बाद न्यायाधीश ने पवन कुमार को छात्रा को ले जाने के जुर्म में दोषी पाकर सजा और जुर्माने से दंडित किया। आरोपी अमर सिंह, उसके पुत्र धर्मेंद्र व सूरज पर गाली गलौज व धमकी देने का आरोप सिद्ध न होने पर न्यायाधीश ने तीनों को दोषमुक्त कर दिया है।