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दुष्कर्मी को 10 और साथी को अपहरण में पांच साल की सजा

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फर्रुखाबाद। विशेष अदालत पाक्सो एक्ट के न्यायाधीश प्रेम शंकर ने किशोरी का अपहरण कर दुष्कर्म करने के मुकदमे में दो युवकों को दोषी करार दिया। एक युवक को दुष्कर्म में 10 और उसके साथी को अपहरण में पांच साल कैद की सजा सुनाई है। दुष्कर्मी पर 40 हजार और साथी पर 10 हजार रुपये जुर्माना किया है। जुर्माना अदा न करने पर अतिरिक्त सजा का प्रावधान किया है।
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मोहम्मदाबाद क्षेत्र के एक गांव निवासी ग्रामीण की 15 वर्षीय पुत्री 24 फरवरी 2014 को गांव में भागवत सुनने गई थी। लौटकर घर न आने पर परिजन उसकी तलाश करने लगे, लेकिन कुछ पता नहीं चला। पिता ने 27 फरवरी को पुत्री की गुमशुदगी दर्ज कराई। 27 मार्च को पिता के पास एक नंबर से आए फोन पर पुत्री ने बात की और बताया कि उसको गांव अलावलपुर निवासी उमाकांत और उसका रिश्तेदार दीपू अपने साथ ले आया है।
वह कानपुर के मोहल्ला दादानगर में एक कमरे में जबरन रखे हुए है। इसकी जानकारी पुलिस को दी, तो पुलिस ने दीपू के पिता को पकड़ लिया। जानकारी पर दीपू ने बेटी को कन्नौज के ठठिया स्थित उसकी ननिहाल में छुड़वा दिया। पुलिस ने पीड़िता के बयान लिए और उसके आधार पर गुमशुदगी को अपहरण व दुष्कर्म में तरमीम कर दिया। जांच के बाद पुलिस ने उमाकांत और दीपू के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया।
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सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील व सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता विकास कटियार, प्रदीप सिंह, अनुज कटियार ने दलीलें पेश कीं। सुनवाई पूरी होने के बाद न्यायाधीश ने दीपू को किशोरी से दुष्कर्म, अपहरण में दोषी पाकर 10 साल कैद और उमाकांत को किशोरी का अपहरण करने के जुर्म में पांच साल कैद की सजा व जुर्माने से दंडित किया है।
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