नगरपालिका से निकाले गए टेंडरों में शासनादेश का पालन न होने की शिकायत पर अग्रिम कार्रवाई पर रोक लगी है। इसी से नाराज सभासदों ने धरना प्रदर्शन के दूसरे दिन एडीएम को तीन सूत्री ज्ञापन देकर आंदोलन की चेतावनी दी थी। इसी क्रम में शुक्रवार को सभासद कलक्ट्रेट पहुंचे और एडीएम से वार्ता की। एडीएम ने उन्हें तीन दिन में समस्या के निस्तारण का भरोसा दिया है।
नगरपालिका के सभासद रफी अंसारी, सुरेंद्र सिंह, विनीता देवी, आशीष, मुबीन समेत 24 से अधिक सभासद कलक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने एडीएम विवेक श्रीवास्तव से वार्ता की। कहा कि वार्डों में विकास कार्य ठप पड़े हैं। गलियां व नालियों के जाल टूटे हैं। स्ट्रीट लाइटें भी नहीं हैं।
उन्होंने ज्ञापन में कहा कि नगरपालिका के निर्माण, जलकल, प्रकाश विभाग में पांच लाख से कम के कार्यों की पत्रावली कमेटी के सदस्यों को न भेजी जाए। राज्य वित्त, 14वें वित्त व अवस्थापना विकास निधि योजना के तहत लोक निर्माण विभाग द्वारा सत्यापन की समय सीमा तय करने व निगरानी समिति की सत्यापन अवधि तीन दिन निर्धारित करने की मांग की।
उन्होंने आरोप लगाया कि सांसद प्रतिनिधि द्वारा नगरपालिका की झूठी शिकायत की जा रही है। इससे विकास कार्य प्रभावित हैं। एडीएम ने कहा कि शिकायत की जांच कराई जा रही है। मांगपत्र में शामिल बिंदुओं पर जिलाधिकारी से विचार-विमर्श कर समस्या का हल निकालेंगे। उन्होंने तीन दिन में समस्या के निस्तारण का भरोसा दिया।
शासनादेश के पांच दिन बाद नगरपालिका में जारी किए गए टेंडरों में शर्तों का पालन न होने की सांसद प्रतिनिधि ने डीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को शिकायत भेजी थी। इसी के बाद एडीएम ने टेंडर प्रक्रिया की अग्रिम कार्रवाई पर रोक लगा दी थी। इसी के बाद 15 अक्टूबर को सभासदों ने पालिका कार्यालय में धरना प्रदर्शन किया।
16 अक्तूबर को जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर निस्तारण न होने पर आंदोलन की धमकी दी थी। वार्ता के दौरान असलम अंसारी, श्याम सुंदर उर्फ लल्ला, अतुल शंकर दुबे, शाहयार खान, आफताब अंसारी, धर्मेंद्र कनौजिया, अनुभव कनौजिया, राजेश मिश्रा, आलोक मिश्रा आदि मौजूद रहे।