फर्रुखाबाद। कोरोना वायरस को लेकर देश और प्रदेश में भले ही हाईअलर्ट हो, मगर डा.राममनोहर लोहिया पुरुष अस्पताल प्रशासन पूरी तरह लापरवाह है। जिम्मेदारों के बयान भी हवा हवाई साबित हो रहे हैं। शुक्रवार को भी वार्डों में तीमारदार मरीजों के बेडों पर जमे रहे। वार्डब्वायों का कहना है कि वह विवाद मोल नहीं ले सकतेे।
प्रदेश सरकार ने स्वास्थ्य विभाग को पूरी तरह अलर्ट पर रहने के निर्देश जारी किए हैं। बावजूद इसके अस्पताल में किसी तरह की सतर्कता नहीं दिख रही है। हालात ऐसे हैं कि गंभीर बीमारी से पीड़ित मरीजों के पास दूरदराज गांवों से आकर तीमारदार दिन भर बैठते हैं। यही नहीं रात के वक्त वार्डों में ही सोते हैं।
‘अमर उजाला’ ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए छह मार्च के अंक में ‘कोरोना: पूरे देश में सतर्कता पर लोहिया अस्पताल में लापरवाही’ शीर्षक से प्रमुखता से खबर प्रकाशित की। इसमें सीएमएस डा.अशोक कुमार ने कहा था कि वह अधीनस्थों को निर्देश जारी करके वार्डों में घुसने पर प्रतिबंध लगाएंगे। बावजूद इसके शुक्रवार को भी वार्डों की हालत बदतर रही। दिन भर ही नहीं बल्कि रात में भी मरीजों के पास और जमीन पर तीमारदार लेटे रहे।
एक वार्डब्वाय ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि उनके पास कोई आदेश नहीं आया है। वह किसे रोक दें। गांव के लोग लड़ने को तैयार हो जाते हैं। सुरक्षा बल मुहैया हो, तब तो सख्ती से लोगों को बाहर ही रोक दें। एक ही तीमारदार मरीज के पास रहे, तभी सही है।