फर्रुखाबाद। कोरोना से जंग लड़ने के लिए लगाए गए आउटसोर्स कर्मियों की सेवा समाप्त होने से कोरोना जांच ठप हो गई। कर्मचारियों ने बीएसएल लैब में ताला जड़ दिया। प्रदर्शन कर सीएमओ व डीमए को ज्ञापन देकर सेवाएं बहाल करने की मांग की।
जनपद में कोरोना से जंग के लिए सात अस्पताल तैयार किए गए। इनमें लोहिया अस्पताल के अलावा, सीएचसी फतेहगढ़, बरौन, कमालगंज, मोहम्मदाबाद, राजेपुर में आक्सीजन प्लांट लगाए गए। जबकि सीएचसी कायमगंज में सिलेंडर से आक्सीजन के इंतजाम किए गए हैं। लोहिया अस्पताल में स्थित बीएसएल-2 लैब सहित इन सभी अस्पतालों में आउटसोर्स से 136 कर्मचारी तैनात किए गए थे। इन दिनों संक्रमण बढ़ रहा है। शासन से भी अलर्ट जारी कर नमूने की जांच बढ़ाने व अस्पतालों में कर्मचारियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के आदेश दिए गए हैं। वहीं 31 मार्च को कार्यदायी संस्था का अनुबंध समाप्त होने के साथ सभी आउटसोर्स कर्मियों की सेवाएं समाप्त कर दी गई।
शासन से अनुबंध विस्तार का कोई आदेश भी नहीं आया। इन कर्मियों को पांच माह से मानदेय भी नहीं मिला है। इससे नाराज कर्मियों ने बीएसएल-2 लैब में कोरोना जांच बंद कर ताला लगा दिया। सभी कर्मचारी एकत्र होकर सीएमओ कार्यालय पहुंचे। वहां नोडल अधिकारी एसीएमओ डॉ.सर्वेश यादव ने उन्हें बताया कि निदेशालय से आदेश न आने से आउटसोर्स कर्मियों से काम नहीं लिया जा सकता। इस पर आउटसोर्स कर्मी पीतांबर, आराधना, संजय, अनुष्का, खुशबू, प्रियंका, असलम आदि ने सीएमओ को ज्ञापन देकर सेवाएं जारी रखने की मांग की। इसके बाद आउटसोर्स कर्मियों ने कलक्ट्रेट पहुंचकर इस संबंध में जिलाधिकारी को भी ज्ञापन सौंपा।
आउटसोर्स कर्मियों द्वारा ज्ञापन दिए जाने के बाद सीएमओ डॉ.अवनींद्र कुमार से एसीएमओ डॉ.सर्वेश यादव मिलने गए। एसीएमओ ने कहा कि कर्मचारियों का तीन माह का वेतन बैकलॉग चल रहा है। इस पर सीएमओ ने लिपिक राकेश चंद्रा को बुलाकर पूछताछ की। बताया गया कि दो माह के मानदेय के लिए पत्रावली भेेजी गई थी। निर्धारित 50 लाख के सापेक्ष 54 लाख का बिल वाउचर बनने से स्वीकृति नहीं मिली। अब दोबारा पत्रावली भेेजी जाएगी। जबकि बजट के अभाव में तीन माह का मानदेय लटका है। सीएमओ ने शीघ्र ही भुगतान की प्रक्रिया पूर्ण करने के निर्देश दिए। दूसरी ओर एसीएमओ डॉ.सर्वेश यादव ने कर्मचारियों को कम मानदेय देने के मामले में कार्यदायी संस्था का ऑडिट कराने की संस्तुति की है।