फर्रुखाबाद। शहर में चीन से लौटे एमबीबीएस के छात्र में कोरोना जैसे लक्षण दिखने से हड़कंप मचा हुआ है। इस बीमारी का जिले में किसी भी तरह का इलाज उपलब्ध नहीं है। सिर्फ लक्षणों के आधार पर ही ट्रीटमेंट किया जाएगा। कोरोना की भयावहता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क है। लोहिया अस्पताल में मॉस्क किट की व्यवस्था हो गई है।
शहर के एक मोहल्ला निवासी युवक बीते दिनों चीन से अपने घर लौटा। उसे खांसी, जुकाम, आंखों से पानी आना और हल्के बुखार की शिकायत हुई। गुरुवार को वह अपनी मां के साथ लोहिया अस्पताल पहुंचा, तो फिजीशियन ने उसके लक्षण देखकर कोरोना जैसे होने का अंदेशा जताया। अस्पताल में आनन-फानन में आइसोलेशन वार्ड खोल दिया गया, मगर उसमें बैक्टीरिया से बचने को कोई व्यवस्था नहीं थी। आनन-फानन में कुछ मॉस्क आदि की किटें मंगवाई गईं।
डिप्टी सीएमओ डॉ. राजीव शाक्य ने बताया कि युवक के खून के नमूने लेकर लखनऊ जांच के लिए भेज दिया गया है। सिर्फ लक्षणों से ही कुछ कहा नहीं जा सकता। वायरल जैसा यह भी बुखार है। इसके बैैक्टीरिया भी तेजी से हवा में फैलते हैं। लिहाजा यदि किसी में खांसी, जुकाम आदि हो, तो उसे अन्य परिवार के लोगों से अलग रहने की व्यवस्था करें। परिवार के सभी लोग मॉस्क आदि की व्यवस्था रखें। स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से अलर्ट है। उन्होंने माना कि इसकी कोई दवाई नहीं है। सिर्फ लक्षणों की दवाई होगी। जैसे खांसी, जुकाम, बुखार आदि की अलग-अलग दवाई दी जाएगी।