फर्रुखाबाद। स्वास्थ्य विभाग में महिलाओं का हक ठेकेदार खा रहे हैं। गर्भवती महिलाओं को भोजन देने वाली प्रेरणा कैंटीन की संचालक को तीन माह से भुगतान नहीं मिला।
परेशान महिला सीएमओ के सामने फफककर रो पड़ी, कहा कि साहब भुगतान करा दो। जननी सुरक्षा योजना के तहत सरकारी अस्पताल में भर्ती होने वाली और प्रसूताओं को निशुल्क भोजन व नाश्ता देने की व्यवस्था है। स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सीएचसी में प्रेरणा कैंटीन खुलवाई गई। इसमें इन महिलाओं ने दो-दो लाख रुपये भी खर्च किए।
प्रेरणा कैंटीन खुलने से गर्भवती व प्रसूताओं को ताजा भोजन व नाश्ता भी मिलने लगा। विभाग से उन्हें प्रतिदिन 90 रुपये प्रति मरीज के हिसाब से भुगतान मिला। कुछ दिन व्यवस्था चलने के बाद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने कमीशन के खेल में महिलाओं के हक पर डाका डालते हुए ठेकेदार नामित कर दिया। अब वही ठेकेदार इसी प्रेरणा कैंटीन से कम दामों में भोजन खरीदकर महंगे दामों में मरीजों को दे रहे हैं।
कमालगंज सीएचसी में महाकाल महिला स्वयं सहायता समूह की गीता प्रेरणा कैंटीन की चलाती हैं। वह सीएमओ कार्यालय पहुंचीं और रोते हुए प्रार्थना पत्र दिया। कहा कि उन्होंने कैंटीन बनाने में दो लाख रुपये खर्च किए। अप्रैैल 2025 से अगस्त तक का ठेकेदार ने भुगतान नहीं किया। 77 हजार 700 रुपये बाकी हैं।
कई बार कहने के बावजूद भुगतान न मिलने से राशन खरीदने में भी दिक्कत आ रही है। 90 रुपये में वह गर्भवती को सुबह का नाश्ता, दोपहर व शाम को भोजन देती है। अब ठेकेदार 60 रुपये में भोजन व नाश्ता उपलब्ध कराने का दबाव बना रहा है। जबकि सीएचसी से वह पूरा भुगतान ले रहा है।
गीता ने बताया कि ठेकेदार अब किसी के घर से भोजन मंगवाकर मरीजों को भेज रहा है, जो नियम विरुद्ध है। इससे मरीजों को ताजा भोजन भी नहीं मिल पा रहा है। सीएमओ डॉ.अवनींद्र कुमार ने प्रेरणा कैंटीन संचालक गीता को भुगतान कराने का भरोसा दिया है।