फर्रुखाबाद। शहर के भोलेपुर रेलवे क्रासिंग पर ओवरब्रिज चालू होने के बाद बुधवार से अंडरपास का निर्माण शुरू कर दिया गया। इस पर करीब दो करोड़ रुपये की लागत आएगी। बारिश से पहले इसका निर्माण पूरा करने की योजना है। यह 10 मोहल्लों में बसे एक लाख लोगों के अलावा दूरदराज से आने वालों को भी संजीवनी साबित होगा।
भोलेपुर क्रासिंग पर ओवरब्रिज चालू होते ही रेलवे ने फाटक बंद कर गुमटी को खत्म कर दिया था। इससे पटरी के दक्षिण में बसे न्यू आंबेडकर काॅलोनी, नगला नैन, होरी मोहल्ला, हाजी वाली गली, नलकूप कालोनी, धंसुआ, विजाधरपुर, नरायनपुर और उत्तर की ओर लोको रोड, नगलादीना, दुर्गा कालोनी, इंदिरा कॉलोनी, बधौआ समेत 10 मोहल्लों के लोगों को बड़ी दिक्क़त हो गईं थी। नौकरीपेशा, स्कूली बच्चों, ठेली खोमचे वाले ओवरब्रिज से निकलने के लिए मजबूर थे।
शहर की ओर से बेवर रोड जाने के लिए लोग क्रासिंग पार कर आसानी से इटावा-बरेली हाईवे पर निकल जाते थे। पुल बनने से छिबरामऊ, बेवर, मोहम्मदाबाद जाने के लिए एक किलोमीटर का फेर लगाना पड़ता है। रेलवे ने जनता की दिक्क़तों को देखते हुए करीब दो करोड़ रुपये से ओवरब्रिज के नीचे अंडरपास का निर्माण शुरू कर दिया।
जेसीबी से गड्ढा खोदाई शुरू कर दी गईं है। इसका निर्माण बारिश शुरू होने से पहले पूरा करने का लक्ष्य है।
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खतरों से जूझते हैं स्कूली बच्चे व आमजन
रेलवे क्रासिंग बंद होने के बाद से सैकड़ों स्कूली बच्चे, बाजार के काम से आने वाले महिला पुरुष और आमजन रेलवे लाइन को पार करने के लिए मजबूर हैं। दिन भर लोगों का निकलना जारी रहता है। इससे कभी भी बड़ी दुर्घटना से इंकार नहीं किया जा सकता।
सीढ़ी बनाने की मांग
ओवर ब्रिज पर चढ़ने और उतरने के लिए आसपास के लोग सीढ़ी बनाने की मांग रेलवे और जिला प्रशासन से कर चुके हैं। लोगों का कहना है कि यदि सीढ़ी बन जाएंगी तो काफी लोगों को कम दूरी तय करनी पड़ेगी।
फल-सब्जी वालों का बढ़ेगा रोजगार
ओवरब्रिज बनने के बाद काफी लोगों ने ठेली लगा ली थी। क्रासिंग बंद हुई तो लाइन पार मोहल्लों के लोगों का आना बंद हो गया। अब इन लोगों को संजीवनी मिल जाएगी।
- जनता की दिक्क़तों को देखते हुए अंडरपास का निर्माण शुरू हो गया है। तय समय सीमा में काम पूरा करके जनता को समर्पित होगा।
- राजेन्द्र सिंह, पीआरओ, इज्जतनगर मंडल