फर्रुखाबाद। मेला रामनगरिया के सांस्कृतिक पंडाल में गुरुवार को संत सम्मेलन में संतों ने एकमत से अयोध्या में राम मंदिर निर्माण करवाने का संकल्प लिया। संतों ने कहा कि मंदिर बनाना सरकारों के वश की बात नहीं है। मंदिर को तो साधु-संत ही बनवाएंगे।
संत सम्मेलन में षण दर्शन संत समिति के अध्यक्ष महंत सोमवार पुरी ने कहा कि अयोध्या में अभी तक राम मंदिर न बनने से संत समाज विचलित हो चला है। केंद्र सरकार की गंगा सफाई योजना के तहत जमीनी कार्य नहीं हो पा रहे हैं। स्वामी कृष्णानंद ने कहा कि गंगा स्वच्छता की अलख जन-जन तक पहुंचाने पर ही गंगा को साफ किया जा सकेगा।
स्वामी महेश योगी ने कहा कि राम मंदिर निर्माण में बहुत देर हो चुकी है। मंदिर का निर्माण किसी भी सरकार के वश की बात नहीं है। मंदिर को तो बनाने वाले ही बनाएंगे। मंदिर का निर्माण अभी तक नहीं हुआ है यह संत समाज के लिए चिंता का सबब बनता जा रहा है।
ज्ञानार्थी महाराज ने कहा कि गंगा को प्रदूषण से मुक्त करवाने के लिए दृढ़ संकल्पित होकर कार्य करना होगा। गंगा को प्रदूषण से बचाने के लिए अपशिष्ट सामग्री को गंगा में डालने से राकेने के लिए टीम बनाकर कार्य करने की आवश्यकता है। महंत बजरंग दास ने कहा कि राम लला का नाम लेकर राजनीति करने वाले भव्य महलों में आराम फरमा रहे हैं, जबकि रामलला त्रिपाल में विराजमान हैं।
उन्होंने नेताओं से कोरी राजनीति बंद करने की अपील की। कार्यक्रम के समापन पर संतों को मेला व्यवस्थापक संदीप दीक्षित ने शाल ओड़ाकर सम्मानित किया। सम्मेलन में आनंद गिरि, शिवस्वरूप ब्रह्मचारी, आचार्य सत्यनारायन मिश्र मधुप, सुबोधानंद, ब्रह्म चैतन्य गिरि, स्वामी दयालु महाराज, राकेश दास, बाबा बालक दास, नरायन दास और रामप्रकाश आश्रम आदि मौजूद रहे।
देश की एकता, अखंडता के लिए दी आहुतियां
वैदिक क्षेत्र में चल रहे शिविर में गुरुवार सुबह देश की एकता व अखंडता के लिए हवन में आहुतियां डाली गईं। पंडित प्रदीप शास्त्री ने देश धर्म में मरे जो उसकी अमर कहानी होती है भजन सुनाकर श्रोताओं की वाहवाही लूटी। आचार्य चंद्रदेव शास्त्री ने बताया कि शुक्रवार को मेले में शोभायात्रा निकलेगी।
नाले का पानी गंगा में जाने से न रुका तो लगाएंगे जाम
अखिल भारतीय षण दर्शन संत समिति के अध्यक्ष महंत सोमवार पुरी ने गंगा में गिर रहे गंदे नाले को तुरंत बंद करवाने की जिला प्रशासन से मांग की। महंत सोमवार पुरी ने गुरुवार को संतों के प्रतिनिधि मंडल के साथ भैरोघाट स्थित नाले का निरीक्षण किया। नाले का पानी गंगा में जाता देखकर संतों ने नाराजगी जताई। कहा कि जिलाधिकारी और तहसीलदार ने उन्हें पूरी तरह नाले को बंद करवाने का आश्वासन दिया था। वसंत पंचमी के स्नान से पूर्व ही नाले का पानी गंगा में प्रवाहित हो रहा है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन जल्द से जल्द नाले के पानी को गंगा में जाने से रोके। नहीं तो संत सड़क जाम करने को मजबूर होंगे।