अमृतपर। 16 कंपोजिट स्कूलों के छात्र-छात्राओं को कंप्यूटर में पारंगत करने के लिए खोली गई सूचना और संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) लैब में लगे चार-चार कंप्यूटर, एलईडी, साउंड सिस्टम धूल फांक रहे हैं। कहीं भी कंप्यूटर शिक्षक नहीं हैं। वहां के बच्चे कागजों में ही पारंगत किए जा रहे हैं। इससे सरकार की मंशा पर पानी फिरता दिख रहा है।
सरकार की मंशा थी कि प्राथमिक और जूनियर स्तर के छात्र-छात्राओं को कंप्यूटर, इंटरनेट, डिजिटल उपकरणों बेसिक जानकारी हो। साथ ही वह डिजिटल साक्षर हो सकें। इसके लिए ब्लाक राजेपुर के कंपोजिट विद्यालय कुबेरपुर, अमृतपुर में दो, हरिहरपुर, ईमादपुर सोमवंशी, पिथनापुर, बदनपुर, बर्राखेड़ा, जिठौली, कोला सोता, कुम्हरौर द्वितीय, नगला हूसा, शेरा खार, तुर्कहटा, कमालुद्दीनपुर व जैनापुर द्वितीय में आईसीटी लैब की स्थापना मार्च 2025 में की गई थी।
प्रत्येक लैब में चार-चार कंप्यूटर (मॉनीटर, सीपीयू, यूपीएस, कीबोर्ड, माउस), एलईडी, साउंड सिस्टम, बैटरी व इन्वर्टर लगाए गए थे। यह सभी सामान परियोजना से ही उपलब्ध कराया गया था। लैब में सभी कंप्यूटर स्थापित कर दिए गए। शिक्षक की तैनाती नहीं की गई। इससे बच्चों को कंप्यूटर की शिक्षा नहीं मिल पा रही है। बीएसए विश्वनाथ प्रताप सिंह ने बताया कि जो शिक्षक स्कूल में तैनात हैं। वही बच्चों को कंप्यूटर पढ़ा रहे हैं। लैब को दुरुस्त रखने के निर्देश दिए हैं।
बदनपुर स्कूल के प्रधानाध्यापक सुनीता चौहान, इमादपुर की संगीता गुप्ता, कुबेरपुर के दीपक मिश्रा का कहना है कि उनके यहां लैब बनने के बाद से शिक्षक तैनात नहीं किया गया। कुछ शिक्षक जो कंप्यूटर के बारे में जानते हैं वही यदाकदा छात्रों को बता देते हैं।