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समितियों से यूरिया खाद गायब

Fri, 19 Dec 2014 12:16 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फर्रुखाबाद
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जिले की साधन सहकारी समितियों का हाल खराब है। कहीं समितियां खुली हैं तो कहीं बंद हैं। ज्यादातर जगह यूरिया खाद का संकट है। इससे किसान परेशान हैं। गेहूं, आलू व सरसों के लिए किसानाें को यूरिया खाद की जरूरत है। गुरुवार को अमर उजाला ने जिले में खाद की स्थिति पर पड़ताल की।
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इसमें सहकारी समितियों में यूरिया खाद का संकट सामने आया। साधन सहकारी समिति सकवाई में ताला पड़ा था। किसान संजय कुमार, अजय पाल सिंह, राहुल कुमार और विनोद सिंह ने बताया कि 15 दिन से खाद नहीं मिल रही है। उन्होंने बताया कि सचिव भी नहीं आ रहे हैं। सचिव सुभाष सिंह ने बताया कि उनकी बेटी की तबियत खराब हैं। इसलिए नहीं आ रहे हैं। खाद भी सोसाइटी पर नहीं है। डिमांड की गई है।

किसान सेवा सहकारी समिति मोहम्मदाबाद केंद्र खुला था। केंद्र पर कोई भी किसान नहीं था। आंकिक विजय पाल वर्मा विभागीय कार्य निपटा रहे थे। केंद्र पर खाद की बोरियां भी काफी कम थीं। कुछ देर बाद सचिव हेमराज वर्मा भी आ गए। पूछने पर सचिव ने बताया कि इफ्को यूरिया और डीएपी खाद नहीं है।
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सिर्फ एनपीके खाद है। 500 बोरी यूरिया की डिमांड के लिए चेक कोआपरेटिव बैंक में जमा कर दी गई है। अगले हफ्ते यूरिता खाद आने की उम्मीद है। डीएपी खाद उपलब्ध ही नहीं है। काश्तकार संतोष कुमार, हेमराज यादव आदि ने बताया कि महंगे दामों पर बाजार से यूरिया खरीदनी पड़ रही है।

साधन सहकारी समिति ज्यौंता बंद थी। आसपास के रहने वाले संतोष गुप्ता, सुशील कुमार जाटव और रामवीर कठेरिया ने बताया कि समिति पर अभी तक खाद ही नहीं बांटी गई है। सचिव ब्रजभान यादव से बात करने का प्रयास किया लेकिन कॉल रिसीव नहीं की गई।

साधन सहकारी समिति नयागांव हुसैनपुर हड़ाई पर ताला लगा था। केंद्र के बाहर खाद लेने के लिए काश्तकार सुनील कुमार, राजेश कुमार मौजूद थे। पूछने पर उन्होंने बताया कि वे लोग करीब एक सप्ताह से खाद लेने के लिए केंद्र के चक्कर काट रहे हैं लेकिन केंद्र बंद ही मिलता है। महंगे दामों पर खाद खरीदने को मजबूर हैं।

किसान सेवा केंद्र अमृतपुर भी बंद था। दो-तीन किसान बैठे थे। पूछने पर बताया कि सुबह से बैठे हैं लेकिन केंद्र नहीं खुला है। उन्होंने कहा कि यूरिया खाद की किल्लत है। सचिव श्याम सुंदरलाल शुक्ल ने मोबाइल पर बताया कि खाद लेने के लिए जिला मुख्यालय आए हैं।

अगर खाद मिल गई तो शुक्रवार को बांटी जाएगी।  इसी तरह साधन सहकारी समिति हरसिंगपुर गहलवार भी बंद पड़ी थी। ग्रामीणों ने बताया कि कई महीनों से समिति बंद चल रही है। काश्तकार प्रभाकर त्रिवेदी, तेजबहादुर, रामबाबू मिश्रा और मुनेंद्र यादव ने बताया कि ब्लैक में खाद खरीदनी पड़ रही है।

साधन सहकारी समिति शमसाबाद में खाद लेने के लिए किसानों की भीड़ लगी थी। किसानों को खाद दी जा रही थी। महेशचंद्र, ज्ञान सिंह, आशाराम और मोहम्मद मेहंदी ने बताया कि तीन-तीन बोरी यूरिया खाद की दी जा रही है। सचिव राकेश मिश्रा ने बताया कि यूरिया खाद की 497 बोरी आई थीं। अभी तक करीब यूरिया खाद की 97 बोरी बांट चुके हैं। खाद की किल्लत नहीं है। डीएपी और एनपीके खाद मौजूद है।
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