उद्योग बंधु की बैठक में छपाई उद्योग की बर्बादी का मुद्दा उठा, तो डीएम मानवेंद्र सिंह दोपहर में करखानों के निरीक्षण को पहुंच गए। डीएम के पहुंचते ही एक कारखाने से रंगीन पानी की मोटी धार निकली। इस पर वह सकते में आ गए।
कारखाना मालिकों ने मामले को भांप डीएम को भैरोंघाट नाले का निरीक्षण करने को कहा। इस पर उन्होंने भैरोंघाट से पानी का सैंपल लिया। अब वह जांच के बाद अफसरों संग बैठक करेंगे।
पर्यावरण नियंत्रण बोर्ड की सख्ती के बाद से शहर का छपाई उद्योग ठप सा है। शुक्रवार को हुई उद्योग बंधु की बैठक में वस्त्र छपाई कुटीर उद्योग के अध्यक्ष चंद्रपाल वर्मा ने डीएम के समक्ष मुद्दा उठाया। डीएम शनिवार की दोपहर मोर वाली बगिया स्थित मनी साध के कारखाने पहुंचे, तो काम बंद मिला।
इसके बाद अमेरिकन डाइन पहुंचे। उनके पहुंचते ही कारखाने से रंगीन पानी की धार निकल पड़ी। डीएम और सिटी मजिस्ट्रेट देखते ही रह गए। साथ में मौजूद छपाई कारोबारी मामला भांप गए। उन्होंने मामले को बैलेंस करने के लिए डीएम से भैरोंघाट चलने का आग्रह किया।
डीएम मानवेंद्र सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट रत्नप्रिया, भाजपा नेत्री डा. रजनी सरीन समेत सभी कारोबारी भैरोंघाट पहुंचे। चंद्रपाल वर्मा ने नाले का पानी हाथ में लेकर डीएम को दिखाया। डीएम ने एक बोतल में सैंपल लेने के निर्देश दिए। इस पर एक बोतल में पानी भर लिया गया। उन्होंने पूरी जानकारी हासिल की।
डीएम ने कहा कि वह सैंपल की जांच कराएंगे। इसके बाद वह पर्यावरण समेत संबंधित विभागों के अफसरों संग बैठक करके कोशिश करेंगे कि जिले का प्रमुख उद्योग फिर से पूरी ताकत से चले, जिससे कारोबारियों के साथ जिले के अन्य लोगों को भी फायदा पहुंचे। इस मौके पर कपिल साध, सुनील यादव, संदीप प्रधान, सुमित साध, राजू साध आदि रहे।