फर्रुखाबाद। लगातार बदल रहे मौसम, शीतलहर और घने कोहरे के चलते जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है। सुबह और शाम के समय कोहरे से दृश्यता कम रहने से लोगों को आवागमन में दिक्कतें हो रही हैं। बच्चों को स्कूल जाने में परेशानी हो रही है, वहीं दैनिक मजदूरों को काम न मिलने से दिहाड़ी पर भी असर पड़ा है। मौसम विभाग की ओर से जारी अलर्ट में जनपद में अगले तीन दिनों तक शीतलहर चलने और घना कोहरा छाए रहने का अलर्ट जारी किया है।
लगातार गिरते तापमान और नमी के कारण खेतों में खड़ी फसलों पर भी खतरा बढ़ गया है। कृषि वैज्ञानिक अभिमन्यु सिंह ने बताया कि इस मौसम में सरसों की फसल में माहू (एफिड) कीट लगने और फूल आने में देरी की आशंका रहती है। किसानों को नियमित निगरानी करते हुए आवश्यकता अनुसार कीटनाशक का छिड़काव करना चाहिए। वहीं, आलू की फसल में झुलसा रोग का खतरा बढ़ जाता है। किसानों को उचित फफूंदनाशक का छिड़काव करने और शाम के समय सिंचाई न करने की सलाह दी गई है।
19 दिसंबर को अधिकतम 21 डिग्री व न्यूनतम 10 डिग्री तापमान रहने के साथ बादल छाए रहेंगे। 20 दिसंबर को दिन में धूप और रात में बादल रहेंगे। 21 व 22 दिसंबर को बादल छाए रहने की संभावना है। 23 से 26 दिसंबर तक मौसम मुख्यतः साफ और धूप वाला रहेगा, जबकि 27 और 28 दिसंबर को बादल छाए रहने के आसार हैं। इस दौरान बारिश की संभावना कम बताई गई है।
क्षेत्र में ठंड का प्रकोप लगातार बना रहा। पछुआ हवाओं के चलते ठिठुरन और गलन में इजाफा हो गया। सुबह से ही घना कोहरा छाया रहा जिससे सूर्यदेव के दर्शन नहीं हो सके। कड़ाके की ठंड का असर आम जनजीवन पर साफ दिखाई दिया। सुबह-शाम लोग अलाव का सहारा लेते नजर आए। सर्द हवाओं के कारण बाजारों और सड़कों पर भी आवाजाही अपेक्षाकृत कम रही। पशुपालकों का कहना है कि मवेशियों को ठंड से बचाना चुनौती बना हुआ है। अलाव जलाकर उन्हें ठंड से बचाने का प्रयास किया जा रहा है। किसानों के अनुसार मौजूदा मौसम गेहूं और तंबाकू की फसलों के लिए अनुकूल माना जा रहा है। किसान भोजराज, शहरोज, धर्मवीर और आफताब ने बताया कि ठंड बढ़ने से गेहूं की बढ़वार बेहतर होती है, जबकि तंबाकू की गुणवत्ता पर भी सकारात्मक असर पड़ता है।